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सपा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर अलीगढ़ में हमला, करणी सेना ने दिखाए काले झंडे, गाड़ी पर फेंके टायर

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अलीगढ़, 27 अप्रैल। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले की गाड़ियां रविवार को उस वक्त आपस में टकरा गईं, जब लोधा थाना इलाके के खेरेश्वर चौराहा हाईवे से गुजरते वक्त उन्हें करणी सेना के कार्यकर्ताओं के अवरोध का सामना करना पड़ा, जो काले झंडे दिखा रहे थे। इस टक्कर में कई वाहनों को नुकसान हुआ है।

बताया जा रहा है कि काले झंडे लिए करणी सेना के कार्यकर्ताओं को देखकर काफिले में अचानक हड़बड़ी मच गई, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद रामजीलाल सुमन ने स्थिति का जायजा लिया और फिर गभाना-बुलंदशहर की ओर रवाना हो गए। फिलहाल इस हादसे में किसी को भी गंभीर चोट की सूचना नहीं है, लेकिन गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। यह भी कहा जा रहा है कि सपा सांसद के काफिले पर टायर फेंका गया था।

सिटी एसपी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि रामजीलाल सुमन के काफिले पर टायर फेंके गए थे। इस संबंध में थाना गभाना में मामला दर्ज किया जा रहा है और जरूरी काररवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि घटना के बाद सांसद रामजीलाल सुमन को अलीगढ़ से आगे पास दिया गया। इस घटना में किसी को चोट नहीं आई है और इलाके में शांति है।

बुलंदशहर में रोके गए सपा सांसद

वहीं राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने बुलंदशहर पहुंचकर कहा, ‘ये टोल है और हमें पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। मामला बहुत गंभीर है। बुलंदशहर में दलितों के उत्पीड़न की छह घटनाएं हुई है। इस समय पूरे उत्तर प्रदेश में एक बाढ़ सी आई हुई है। उनकी (दलित परिवार) नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं, उनकी बारात रोकी जा रही है और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ी जा रही है।’

करणी सेना ने दी थी चेतावनी

उल्लेखनीय है कि रामजीलाल सुमन के पिछले बयानों पर करणी सेना लगातार उनका विरोध करती रही है। हाल ही में करणी सेना ने उन्हें आगरा से बुलंदशहर जाने से रोकने की चेतावनी दी थी। उन्हें मडराक टोल, आगरा हाईवे ब्रिज और गभाना टोल पर रोकने का प्लान था। यह चेतावनी करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने दी थी।

अखिलेश यादव बोले – यह आपराधिक कृत्य है

इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘सांसद माननीय रामजी लाल सुमन जी के काफिले पर टायर व पत्थर फेंककर, उनके ऊपर जो जानलेवा हमला हुआ है वो उस एक्सीडेंट का कारण बना है, जो प्राणांतक दुर्घटना में भी बदल सकता था। ये एक आपराधिक कृत्य है। इतने टायर एक साथ इकट्ठा करना, एक गहरी साज़िश का सबूत ख़ुद है।’

अखिलेश यादव ने कहा, “ये एक बार फिर इंटेलिजेंस की गहरी चूक है या फिर जान बूझकर की गई अनदेखी है। यदि शासन-प्रशासन ये सब जानते हुए भी अनजान बनने की कोशिश कर रहा है तो वो ये जान ले कि अराजकता किसी को भी नहीं बख्शती है, एक दिन भाजपाई और उनके संगी-साथी भी ऐसे हिंसक तत्वों का शिकार होंगे। देश में एक सांसद के ऊपर हुए जानलेवा हमले का संज्ञान लेना वाला कोई है या फिर ‘पीडीए का सांसद’ होने के कारण वर्चस्ववादियों की सरकार शर्मनाक चुप्पी साधकर भूमिगत हो जाएगी।”

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