नई दिल्ली, 12 जून। राष्ट्रपति चुनाव से पहले एकजुट होने की कोशिश में लगे विपक्ष को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) के नेता सीताराम येचुरी ने तगड़ा झटका दे दिया है। उन्होंने ममता बनर्जी की उस प्रस्तावित बैठक को एकतरफा करार दिया है, जिसे ममता ने विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने के लिए बुलाया है। उन्होंने कहा कि कोई भी एकतरफा कार्यवाही केवल विपरीत प्रभाव डालेगी और विपक्षी एकता को नुकसान पहुंचाएगी।
येचुरी बोले – ऐसी कोशिश विपक्ष को नुकसान पहुंचाएगी
दरअसल, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, ‘मुझे सोशल मीडिया से पता चला है कि मुझे भी एक ऐसा ही पत्र भी भेजा गया है। आम तौर पर ऐसी बैठकें काफी आपसी विचार-विमर्श के बाद आयोजित की जाती हैं। यह परामर्श चल ही रहे थे और एक समय और एक तारीख तय की गई थी। ममता ने एकतरफा पत्र लिखा है, यह बेहद असामान्य है। कोई भी एकतरफा कार्यवाही केवल विपरीत को सुनिश्चित करेगी और विपक्षी एकता को नुकसान पहुंचाएगी।
डी राजा बोले- बिना परामर्श बैठक बुलाना ठीक नहीं
सिर्फ सीताराम येचुरी ही नहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव डी. राजा ने भी ममता के इस प्रयास को झटका दिया है। राजा ने कहा कि बिना पूर्व परामर्श के ऐसी बैठक बुलाना उचित नहीं है। स्थिति सभी धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील ताकतों की एकता की मांग करती है और इसलिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिससे भ्रम और गलतफहमी पैदा हो।
कांग्रेस ने यह जिम्मेदारी मल्लिकार्जुन खड़गे को दी
ममता बनर्जी की इस बैठक के आह्वान के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राकांपा प्रमुख शरद पवार, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और विपक्षी दलों के कई अन्य नेताओं से बात की है। कोराना वायरस से संक्रमित होने के मद्देनजर उन्होंने इस बातचीत की जिम्मेदारी मल्लिकार्जुन खड़गे को दी है।
15 जून को है ममता की प्रस्तावित बैठक
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर उनसे नई दिल्ली में 15 जून को प्रस्तावित बैठक में भाग लेने का अनुरोध किया है, ताकि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के उत्तराधिकारी के लिए 18 जुलाई को होने वाले चुनाव के वास्ते एक साझा रणनीति तैयार की जा सके।
ठाकरे समेत 22 नेताओं को लिखी है चिट्ठी
टीएमसी सुप्रीमो ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल, केरल के सीएम और वाम नेता पिनाराई विजयन, ओडिशा के सीएम और बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत 22 नेताओं को चिट्ठी भी लिखी है। यह भी बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने तेलंगाना में अपने समकक्षों के. चंद्रशेखर राव, तमिलनाडु में एमके स्टालिन, झारखंड में हेमंत सोरेन और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी संपर्क साधा है।

