नई दिल्ली, 18 अगस्त। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि सत्ता से हटने के बाद उनकी और उनकी छोटी बहन शेख रेहाना की हत्या की साजिश रची गई थी। शेख हसीना ने बांग्लादेश अवामी लीग पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर एक ऑडियो पोस्ट में यह खुलासा किया है।
शेख हसीना ने ऑडियो में बताया कि यदि वह उस समय 20-25 मिनट और रुक जातीं, तो उनके साथ कुछ भी हो सकता था। रेहाना और वह इस साजिश का शिकार होने से बच गईं। फिलहाल शेख हसीना के इस बयान से बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
अगस्त, 2024 के आंदोलन ने सत्ता से हटाया
गौरतलब है कि अगस्त, 2024 में बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन हुआ। आंदोलन के कारण कई हफ्तों तक जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन और झड़पों के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटने के लिए बाध्य होना पड़ा। इन घटनाओं में 600 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। शेख हसीना ने किसी तरह अपनी जान बचाई और भारत में शरण ली। वर्तमान में बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अगुआई में अंतरिम सरकार चल रही है।
हसीना ने भावुक होकर कही ये बात
शेख हसीना ने इस दौरान अपनी हत्या की साजिश को एक बार फिर याद किया। उन्होंने अपने एक ऑडियो संदेश में भावुक होकर कहा कि उनकी जान पर कई बार खतरे आए, लेकिन अल्लाह ने उन्हें बचा लिया। उन्होंने 21 अगस्त को हुए ग्रेनेड हमले और कोटालीपारा में बम साजिश का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खिलाफ बार-बार जानलेवा साजिशें रची गईं। हसीना ने यह भी कहा कि आज भी उन पर खतरा बना हुआ है।
‘अल्लाह का करम है कि मैं आज जिंदा हूं‘
शेख हसीना ने भावुक होकर अपना दर्द बयां करते हुए कहा, ‘यह सिर्फ अल्लाह का करम है कि मैं आज जिंदा हूं। मैं पीड़ित हूं और अपने देश से दूर हूं। मेरा घर और सबकुछ जल गया है।’ उन्होंने 2004 के ढाका ग्रेनेड हमले का भी जिक्र किया। यह हमला 21 अगस्त, 2004 को बंगबंधु एवेन्यू पर अवामी लीग की आतंकवाद विरोधी रैली में हुआ था।

