मुंबई, 29 जून। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों और निवेशकों की सतर्क रणनीति के बीच शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में हलचल देखने को मिली।
बीएसई सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले 45.26 अंक की गिरावट के साथ 77,055.21 पर खुला। कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद खरीदारी लौटने से सूचकांक 77,228 अंक तक पहुंच गया, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी और बाद में फिर से सेंसेक्स लाल निशान में कारोबार करने लगा।
निफ्टी में भी मिला-जुला रुख
सेंसेक्स की तरह एनएसई निफ्टी में भी शुरुआती कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और प्रमुख शेयरों में हो रही खरीदारी-बिकवाली पर नजर बनाए हुए हैं।
किन सेक्टरों पर रही नजर?
शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में मिश्रित रुख देखने को मिला। कुछ ब्लूचिप शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला, जबकि चुनिंदा कंपनियों में मुनाफावसूली के कारण दबाव भी बना रहा।
वैश्विक संकेतों का असर
विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिले-जुले रुझान, डॉलर इंडेक्स की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों का भी इंतजार कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। दिनभर विदेशी निवेशकों (FII), घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के रुख पर बाजार की दिशा निर्भर रह सकती है।

