मुंबई, फरवरी। केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय शेयर बाजार से संबंधित एक बड़ी घोषणा की, जिसके चलते घरेलू बाजार में हाहाकार मच गया और सेंसेक्स 2,300 अंक गिर गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद रविवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। बजट के दिन बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। रविवार के कारोबारी सत्र में दिन के उच्च स्तर से सेंसेक्स 2,300 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी में 600 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बजट के बाद निवेशक सतर्क नजर आए, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।
दरअसल, वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफ एंड ओ) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) में बढ़ोतरी करने की घोषणा की और फ्यूचर्स पर एसटीटी बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया। इस ऐलान के बाद बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। हालांकि बजट में आर्थिक विकास को तेज करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की बातें कही गईं, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली।
रविवार को शेयर बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही। सेंसेक्स कुछ अंकों की बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी थोड़ा नीचे था। बजट को लेकर सतर्कता और डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी (करीब 92 रुपए प्रति डॉलर) का असर बाजार पर दिखा। कारोबार शुरू होते ही ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। निफ्टी मेटल सबसे ज्यादा गिरा और इसमें 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। वहीं ऑटो, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।
निफ्टी के टॉप गेनर्स में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल रहा। निवेशकों को बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए ज्यादा फंड मिलने की उम्मीद थी, जिससे इस शेयर में खरीदारी दिखी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट की बड़ी वजह निवेशकों की सावधानी है। उन्हें उम्मीद थी कि बजट में इनकम टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन 2025 में पहले ही बड़ी टैक्स कटौती हो चुकी थी, इसलिए इस बार कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ।
टैक्स सिस्टम में छोटे बदलाव और लंबे समय के विकास से जुड़े कदमों को सकारात्मक माना गया, लेकिन ये बाजार में शुरुआती बिकवाली को रोकने के लिए काफी नहीं रहे। विश्लेषकों ने कहा कि रक्षा से जुड़े शेयरों और मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है। साथ ही पीएसयू बैंकों के विलय और सरकारी हिस्सेदारी बेचने (डिसइन्वेस्टमेंट) से जुड़े ऐलानों पर भी नजर रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, पूरे दिन बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। यह बजट से जुड़े ऐलानों, पूंजीगत खर्च, सेक्टर को मिलने वाली राहत और वित्तीय घाटे के लक्ष्य पर निर्भर करेगा। वित्त वर्ष 2027 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का करीब 4.3 से 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। शेयर बाजार में कारोबार दोपहर 3:30 बजे तक जारी रहेगा, लेकिन 30 जनवरी को खरीदे गए शेयर आज सेटलमेंट हॉलिडे के कारण बेचे नहीं जा सकेंगे। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक सरकार के कर्ज, घाटे के आंकड़ों और आने वाले साल में उधारी की योजना पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि सरकार की आगे की आर्थिक रणनीति को समझा जा सके।

