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सांसद बेटी सुप्रिया सुले के साथ पीएम मोदी से मिले शरद पवार, एक दिन पहले ही CJP के मंच पर दिखे थे

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नई दिल्ली, 22 जुलाई। पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से तालमेल की अटकलों के बीच बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब संसद के मानसून सत्र के दौरान एनसीपी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने अपनी सांसद बेटी सुप्रिया सुले के साथ संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। हालांकि इस मुलाकात में किस विषय पर बातचीत हुई, यह जानकारी शुरुआती तौर पर सामने नहीं आई।

दिलचस्प यह है कि नीट (NEET) में गड़बड़ियों के मद्देनजर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बीच दिल्ली का राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। वहीं शरद पवार और सुप्रिया सुले ने एक दिन पहले ही मंगलवार को जंतर-मंतर पहुंचकर CJP व प्रदर्शनकारी छात्रों के आंदोलन का खुलकर समर्थन करने के साथ पुलिस काररवाई की निंदा की थी। फिलहाल मराठा क्षत्रप के रूप में मशहूर शरद पवार व पीएम मोदी की इस उच्चस्तरीय मुलाकात के बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है।

गौरतलब है कि CJP का आंदोलन 20 जून से लगातार जारी है। संगठन प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली की जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। अपनी मांगों को लेकर सीजेपी ने संसद के मानसून सत्र से पहले संसद मार्च का एलान कर दिया। इसके बाद 20 जुलाई को सीजेपी ने संसद मार्च शुरू किया।

इस मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा-163 लागू कर दी थी और स्पष्ट किया था कि CJP के पास संसद मार्च निकालने की कोई अनुमति नहीं है। जैसे ही हजारों की संख्या में छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। इस झड़प में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

वहीं, 18 जुलाई से दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल से ही अपना अनशन जारी रखा है। हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद वांगचुक को मंगलवार की रात सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है।

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