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यूपी : भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किए गए वरिष्ठ IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश बहाल, जांच जारी रहेगी

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लखनऊ, 14 मार्च। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में निलंबित किए गए उत्तर प्रदेश कैडर के 2006 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को राज्य सरकार ने बहाल कर दिया है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने शनिवार को इस संदर्भ आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

हालांकि अभिषेक प्रकार को किसी विशिष्ट पद पर तैनाती नहीं दी गई है, लेकिन जल्द ही नई जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश सरकार के नियुक्ति अनुभाग-5 द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनका निलंबन समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी जारी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि अभिषेक प्रकाश ने अपने करिअर के दौरान लखनऊ, लखीमपुर खीरी, अलीगढ़ और हमीरपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दी हैं। वह मायावती, अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ तीनों सरकारों में प्रमुख पदों पर तैनात रहे और कई बार ‘टॉप परफॉर्मर’ के रूप में चर्चित हुए। उनकी सबसे प्रमुख भूमिका ‘इन्वेस्ट यूपी’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव के रूप में रही थी। इस दौरान उन्होंने राज्य में निवेश बढ़ाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को गति प्रदान की।

पिछले वर्ष मार्च में लगा था भ्रष्टाचार का आरोप

फिलहाल, पिछले वर्ष मार्च में उनके करिअर में तब बड़ा विवाद उठ खड़ा हुआ, जब पंजाब के एक व्यवसायी विश्वजीत दत्ता ने उन पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, एक सोलर प्रोजेक्ट की मंजूरी के बदले कथित तौर पर 5% कमीशन की मांग की गई थी। यह रिश्वत उनके सहयोगी निकांत जैन के माध्यम से मांगे जाने का दावा किया गया था। एसटीएफ की शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने के बाद, पिछले वर्ष 20 मार्च को उन्हें अनुशासन एवं अपील नियमावली-1969 के तहत निलंबित कर दिया गया था।

विभागीय जांच चलती रहेगी

निलंबन के दौरान यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच तक पहुंचा, जहां फरवरी, 2026 में एक बड़ा मोड़ आया। हाईकोर्ट ने साक्ष्य की कमी और तकनीकी खामियों के आधार पर सहयोगी निकांत जैन के खिलाफ दर्ज FIR को रद कर दिया है। इस अदालती फैसले के बाद सरकार ने अभिषेक प्रकाश के निलंबन को एक साल पूरा होने से पहले ही समाप्त करने का निर्णय लिया है। विशेष सचिव विजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि भले ही अभिषेक प्रकाश सेवा में वापस आ गए हैं, लेकिन उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी।

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