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SEBI, एनआईएसएम और आईआईसीए के बीच समझौता, कॉरपोरेट गवर्नेंस और ईएसजी को मिलेगा बढ़ावा

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नई दिल्ली, 21 मई। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा स्थापित राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (NISM) और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के तहत कार्यरत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (IICA) ने कॉरपोरेट गवर्नेंस, ईएसजी और पूंजी बाजारों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

ज्ञान साझेदारी और नीतिगत सहयोग पर जोर

इस साझेदारी का उद्देश्य वित्तीय और कॉरपोरेट विनियमन से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में ज्ञान के आदान-प्रदान, अनुसंधान, नीतिगत समर्थन और संस्थागत सहयोग को बढ़ाना है। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से क्षमता विकास कार्यक्रम, प्रमाणन पाठ्यक्रम, कार्यकारी शिक्षा मॉड्यूल और प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करेंगे। इनमें सेबी अधिकारियों सहित विभिन्न नियामक और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शामिल होंगे।

मुंबई में हुआ समझौते पर हस्ताक्षर

यह समझौता ज्ञापन 19 मई, 2026 को मुंबई में हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे मौजूद रहे। समारोह में एनआईएसएम के निदेशक शशि कृष्णन भी उपस्थित थे। एमओयू पर एनआईएसएम की रजिस्ट्रार योगिता जाधव और आईआईसीए के स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट की प्रमुख डॉ. गरिमा दाधिच ने हस्ताक्षर किए।

एमएसएमई और स्थिरता खुलासों पर रहेगा फोकस

सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने प्रदर्शन-आधारित कॉरपोरेट गवर्नेंस व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को पूंजी बाजारों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना और स्थिरता संबंधी खुलासों को मजबूत करना है। उन्होंने उभरते नियामक क्षेत्रों में साक्ष्य-आधारित ज्ञान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

ईएसजी और बीआरएसआर जैसे क्षेत्रों में होगा सहयोग

आईआईसीए के महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने इस सहयोग की अवधारणा तैयार की। उन्होंने कॉरपोरेट गवर्नेंस, ईएसजी और जिम्मेदार व्यावसायिक आचरण से जुड़े क्षेत्रों में आईआईसीए की पहलों को राष्ट्रीय विकास एजेंडा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस समझौते के तहत प्रतिभूति बाजार, स्थिरता और ईएसजी रिपोर्टिंग, व्यावसायिक उत्तरदायित्व और स्थिरता रिपोर्टिंग (बीआरएसआर), निवेशक शिक्षा, जिम्मेदार निवेश, सतत वित्त, बोर्ड प्रशासन, बाजार साख और उभरते नियामक ढांचे जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग स्थापित किया जाएगा।

संयुक्त सम्मेलन और शोध गतिविधियां भी होंगी

दोनों संस्थान अनुसंधान, नीति अध्ययन, पाठ्यक्रम निर्माण और सर्वोत्तम प्रथाओं के प्रसार में भी सहयोग करेंगे। साझेदारी के तहत संयुक्त सम्मेलन आयोजित करने, संकायों के आदान-प्रदान और विभिन्न प्रकाशनों पर भी कार्य किया जाएगा। यह सहयोग भारत के प्रतिभूति बाजार और कॉरपोरेट क्षेत्र में अधिक सुशासित, समावेशी और ज्ञान-आधारित पारितंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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