सिंगापुर, 31 मई। विश्व रैंकिंग में चौथे नंबर पर काजिब ख्यातिनाम भारतीय युगल – सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी व चिराग शेट्टी ने यहां 10 लाख डॉलर ईनामी सिंगापुर ओपन में लगातार दूसरे दिन उलटफेरयुक्त परिणाम निकाला और रविवार को तीसरी सीड इंडोनेशियाई फजर अल्फियान व मुहम्मद फिक्री को भी हराकर BWF वर्ल्ड टूर सुपर 750 का खिताब अपने नाम कर लिया।
👑 THE SMASHBROS REIGN SINGAPORE 🇮🇳
Pure power, ultimate grit, and a historic finish! Satwiksairaj Rankireddy and Chirag Shetty are your KFF Singapore Badminton Open 2026 MD Champions, conquering a 73-minute thriller against Indonesia's Fajar Alfian and Muhammad Shohibul Fikri… pic.twitter.com/ghYhJRainB
— BAI Media (@BAI_Media) May 31, 2026
73 मिनट के मैराथन संघर्ष में अल्फियान व फिक्री हारे
सिंगापुर इनडोर स्टेडियम में 24 घंटे पहले सीधे गेमों में जीत से विश्व नंबर एक व मौजूदा विश्व चैम्पियन कोरियाई सितारों – किम वोन हो व सियो सेउंग जे का लगातार 34 मैचों का ऐतिहासिक अजेय क्रम तोड़ने वाले चतुर्थ वरीय सात्विक-चिराग ने खिताबी मुकाबले में तीसरी सीड इंडोनेशियाई जोड़ी के खिलाफ पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी की और 73 मिनट तक खिंचे मैराथन संघर्ष में 18-21, 21-17, 21-16 से जीत हासिल की।
सिंगापुर ओपन जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी
सात्विक व चिराग की इस सफलता के साथ ही सिंगापुर ओपन में कोई भारतीय टीम पहली बार युगल खिताब जीतने में सफल हुई। भारतीय सितारों के लिए यह तीसरा सुपर 750 खिताब है। इससे पहले उन्होंने 2022 और 2024 में फ्रेंच ओपन में बाजी मारी थी। वैसे सात्विक-चिराग 2023 में इंडोनेशिया सुपर 1000 खिताब भी भी जीत चुके हैं।
Title on the line as Rankireddy/Shetty 🇮🇳 and Alfian/Fikri 🇮🇩 go all out.#BWFWorldTour #SingaporeOpen2026 pic.twitter.com/qvxlGD4LVp
— BWF (@bwfmedia) May 31, 2026
थॉमस कप में कांस्य जीतने के बाद शानदार फॉर्म में चल रहे
उल्लेखनीय है कि आखिरी बार BWF वर्ल्ड टूर पर थाईलैंड ओपन 2024 में कोई खिताब जीतने वाले चिराग व सात्विक बीते थॉमस और उबर कप में भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने के बाद से ही शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। इसके बाद वे इस माह की शुरुआत में थाईलैंड ओपन के फाइनल में पहुंचे और अब यहां खिताब जीतकर अपना बेहतरीन फॉर्म को जारी रखा।
सात्विक व चिराग ने फाइनल की शुरुआत 5-2 की बढ़त के साथ की, लेकिन उनके इंडोनेशियाई प्रतिद्वंद्वियों ने जल्द ही बराबरी कर ली और पहला गेम अपने नाम कर लिया। इसके बाद भारतीयों ने अपने आक्रामक खेल पर भरोसा दिखाया और 8-8 के स्कोर से लगातार छह अंक जीतकर दूसरे गेम पर अपना दबदबा बना लिया। हालांकि अल्फियान व फिक्री दो गेम अंक बचाने में कामयाब रहे, लेकिन वे निर्णायक गेम को टाल नहीं सके।
खास शैली में मनाया जीत का जश्न
मैच का पलड़ा पूरी तरह से अपने पक्ष में होने के कारण, भारतीयों ने तीसरे गेम में 11-5 की बढ़त बना ली। इंडोनेशियाई जोड़ी ने 11-12 पर अंकों का अंतर कम किया, लेकिन अंततः चैम्पियन बनी भारतीय जोड़ी ने एक बार फिर पूरी ताकत झोंक दी और पांच मैच प्वॉइंट हासिल कर लिए। उन्होंने दूसरे मैच अंक को भुनाते हुए अपनी खास शैली में जीत का जश्न मनाया।
2 वर्षों के अंतराल बाद कोई खिताब हाथ लगा – सात्विक
खिताब जीतने के बाद सात्विक ने कहा, ‘आज मैं थोड़ा राहत महसूस कर रहा हूं क्योंकि दो साल के अंतराल के बाद हमने कोई खिताब जीता है। यहां आने से पहले हम थोड़े घबराए हुए थे क्योंकि अतीत में यहां हमारा प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा था। लेकिन यह हफ्ता बेहद खास रहा।’

