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Sant Ravidas Jayanti : सीएम योगी ने संत रविदास की प्रतिमा का किया अनावरण, लोगों से की विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने की अपील

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लखनऊ, 1 फरवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को संत रविदास की जयंती पर उन्हें नमन किया और लोगों से उनके विचारों को आत्मसात कर समरस एवं विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। लखनऊ में संत रविदास सेवा समिति द्वारा आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास की प्रतिमा का अनावरण किया।

इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और रविदास सेवा समिति के अध्यक्ष भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी हरिश्चंद्र मौजूद थे। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 649 वर्ष पूर्व माघी पूर्णिमा के दिन संत रविदास जी का प्रकटीकरण काशी के सीर गोवर्धन में हुआ था और इतने वर्षों के बाद भी उनके दिव्य आभा से आलोकित होकर यह समाज “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, ”संत रविदास का जब प्रकटीकरण हुआ, उस समय यह देश विदेशी आक्रांताओं से त्रस्त था और उस समय भी साधना की पवित्रता व साधना को कर्म की साधना के रूप में बदलने का कार्य संत रविदास ने किया। उन्होंने अपने कर्म की साधना से लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया।” योगी आदित्यनाथ ने कहा, “जो लोग आरोप लगाते हैं कि समाज में भेदभाव था, याद करिए मध्य काल में जगद्गुरु रामानंद ने 12 शिष्य बनाये जो 12 अलग-अलग जातियों के थे। उस काल खंड में भी समाज को जोड़ने का जितना बड़ा कार्य हमारे संतों ने किया वह अद्भुत था और उसी नीव पर वर्तमान भारत का निर्माण हुआ।”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”600 वर्ष पहले सबके तृप्त होने और किसी के भूखा न रहने का संदेश संत रविदास ने दिया और एक संत की वाणी कभी व्यर्थ नहीं होती।” उन्होंने कहा, ”हो सकता है कि संत वाणी को मुगलों ने भुला दिया, अंग्रेजों ने भुला दिया, आजादी के बाद की सरकारों ने भुला दिया, लेकिन जब 2014 में मोदी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) की सरकार बनी तो उन्होंने बैंकों में हर गरीब का खाता खुलवाया, जिससे उसे शासन की योजनाओं का लाभ मिला।”

योगी ने कहा, ”2015 से पहले सीर गोवर्धन में जाने का रास्ता नहीं था और आज वहां देशभर से दो लाख श्रद्धालु आए हैं और आज प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से ‘डबल इंजन’ की सरकार ने इसे फोर लेन से जोड़ा है।” उन्होंने कहा कि सीर गोवर्धन में संत की भव्य प्रतिमा स्थापित है जो पांच किलोमीटर दूर से दिखती है और सीर गोवर्धन एक धाम बन गया है। उन्होंने कहा, ”विभाजनकारी ताकतें बांटने का कुचक्र रचती हैं, लेकिन हमें गुलामी के काल खंड का स्मरण करते हुए उन्हें फिर से सिर उठाने का अवसर नहीं देना है।”

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस देश की एकता और इसकी संप्रभुता के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने धार्मिक स्थलों के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में 1500 धार्मिक स्थलों और संतों से जुड़े स्थलों का जीर्णोद्धार किया गया है। उन्होंने माघी पूर्णिमा पर प्रयागराज समेत अन्य स्थानों पर आए श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामना दी।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”सद्गुरु रविदास जी महाराज की पावन जयंती पर कोटि-कोटि नमन।” उन्होंने कहा, ”सद्गुरु रविदास जी ने कर्म से सेवा, समरसता और समानता का जो संदेश दिया, वह आज भी हमें प्रेरित करता है।” आदित्यनाथ ने कहा, ”’सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास’ का जो संकल्प है, उसकी आत्मा गुरु रविदास जी की शिक्षाओं में है।”

मुख्यमंत्री ने लोगों से रविदास के विचारों को आत्मसात कर समरस एवं विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की। इस बीच, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर समस्त प्रदेश और देशवासियों को रविदास जयंती की हार्दिक बधाई और शुभकामना दी है।

बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी संत रविदास जयंती पर उनके संदेशों को अपनाने का आह्वान करते हुए उन्हें नमन किया है। मध्यकालीन कवि एवं समाज सुधारक संत रविदास ने अपने दोहों और उपदेशों के माध्यम से जाति आधारित सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संदेश दिया। उनका जन्म वाराणसी के पास सीर गोवर्धनपुर गांव में हुआ था।

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