Site icon hindi.revoi.in

यूक्रेन संकट : यूएनएससी में लाए गए प्रस्ताव पर रूस का वीटो, भारत, चीन और यूएई वोटिंग से अनुपस्थित

Social Share
FacebookXLinkedinInstagramTelegramWhatsapp

संयुक्त राष्ट्र, 26 फरवरी। यूक्रेन संकट के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में लाए गए प्रस्ताव पर रूस ने वीटो कर दिया है। 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के 11 सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट किया जबकि रूस ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया और भारत, संयुक्त अरब अमारात और चीन ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। फिलहाल रूस द्वारा प्रस्ताव पर वीटो किए जाने से इसे पारित नहीं किया जा सका।

तिरुमूर्ति ने बताया – भारत ने किस वजह से मतदान में हिस्सा नहीं लिया

संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत के स्‍थायी प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि राजनयिक वार्ता का रास्‍ता छोड़ना अत्‍यंत खेदजनक है। सभी संबद्ध पक्षों को वार्ता की मेज पर आना चाहिए। इस कारण भारत ने मतदान में हिस्‍सा नहीं लिया।

भारत ने कहा – राजनयिक माध्‍यम से हो मुददे का समाधान

भारत ने एक बयान जारी कर कहा कि इस संकट का समाधान राजनयिक तरीके से किया जाना चाहिए। संवाद ही विवाद के समाधान का एकमात्र रास्ता है। सभी देशों की सम्प्रभुत्ता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए और सभी सदस्य देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।

भारत ने इसके साथ ही हिंसा और हमले की काररवाई पर तत्काल रोक लगाने का आह्वान भी किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार की रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान उनसे भी यही आग्रह किया था।

यूक्रेन से भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

तिरुमूर्ति ने कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों और नागरिकों की स्वदेश वापसी केंद्र सरकार की सर्वोच्च  प्राथमिकता है। यूक्रेन के घटनाक्रम से भारत काफी चिंतित है। भारत ने अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह दोनों पक्षों के साथ संतुलित और समन्वित तरीके से निरंतर सम्पर्क में है और सभी पक्षों से संवाद शुरू करने का आग्रह किया है।

Exit mobile version