Site icon hindi.revoi.in

फिल्मों में ‘सत्य’ के साथ ‘तथ्य’ की भूमिका : विवेक अग्निहोत्री

Social Share
FacebookXLinkedinInstagramTelegramWhatsapp

मुंबई, 7 मई। फिल्‍म निर्माता एवं निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने शुक्रवार को यहां कहा कि फिल्मों में ‘सत्य’ के साथ ‘तथ्य’ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इन दोनों को मिलाकर ही ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्म का निर्माण होता है।

आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) एवं फिल्म समारोह निदेशालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘आईआईएमसी फिल्म फेस्टिवल 2022’ एवं ‘राष्ट्रीय लघु फिल्म निर्माण प्रतियोगिता’ के अंतिम दिन फिल्म निर्देशक ने कहा कि मीडिया के विद्यार्थियों को चाहिए कि वे किसी को प्रभावित करने की कोशिश न करें, बल्कि खुद को अभिव्‍यक्‍त करना सीखें।

विवेक अग्निहोत्री कहा कि उन्‍होंने फिल्‍में बनाना 2005 से शुरू कर दिया था और वह बॉलीवुड में बनने वाली फिल्‍मों की तरह फिल्म बना सकते थे, लेकिन उन फिल्‍मों से उन्‍हें संतुष्टि नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद उन्होंने ‘बुद्धा इन ट्रैफिक जाम’, ‘द ताशकंद फाइल्‍स’ और ‘द कश्‍मीर फाइल्‍स’ जैसी फिल्‍में बनाईं।

उन्होंने अपनी आने वाली फिल्‍मों के बारे में कहा कि उनकी एक फिल्‍म अगले साल आ रही है, जो मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धियों पर आधारित है और जिसे देखकर सभी को अपने देश के प्रति गर्व की अनुभूति होगी। इसके अलावा 2024 में उनकी फिल्‍म ‘द दिल्‍ली फाइल्‍स’ रिलीज होगी।

इस दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अपर सचिव नीरजा शेखर ने कहा कि हमारी प्राचीन सभ्‍यता, महाकाव्‍यों और समृ‍द्ध लोक परंपरा के आधार पर हम बहुत गर्व के साथ यह बात कह सकते हैं कि भारत विश्‍व का ‘कंटेंट हब’ है। उन्‍होंने कहा कि भारत में जिस प्रकार की कहानियां मिलती हैं, उनमें बहुत विविधता है और हमारे पास ऐसी कई कहानियां हैं, जिसे दुनिया ने कभी नहीं सुना।

इस तीन दिवसीय महोत्सव में पद्म भूषण से सम्मानित मशहूर फिल्म अभिनेत्री शर्मिला टैगोर, अभिनेता-निर्माता आशीष शर्मा और अर्चना टी शर्मा, सुप्रसिद्ध वन्यजीव फिल्म निर्माता एस.नल्लामुथु और अन्य शामिल हुए।

Exit mobile version