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रोहन बोपन्‍ना युगल में शीर्ष रैंकिंग हासिल करने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज टेनिस खिलाड़ी बने

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मेलबर्न, 24 जनवरी। भारतीय टेनिस स्टार रोहन बोपन्‍ना युगल  में शीर्ष रैंकिंग हासिल करने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई जोडीदार मैथ्‍यू एब्डेन के साथ यहां ऑस्‍ट्रेलियाई ओपन टेनिस के पुरुष युगल के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही 43 वर्षीय बोपन्‍ना ने यह उपलब्ध हासिल की।

बोपन्ना-एब्डेन की जोड़ी ऑस्ट्रेलियाई ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची

रोहन बोपन्ना और एब्डेन की दूसरी वरीय जोड़ी ने बुधवार को यहं मार्गरेट कोर्ट एरेना में खेले गए क्वार्टर फाइनल में छठी सीड अर्जेंटीनी मैक्सिमो गोंजालेज व आंद्रेस मोल्टेनी को एक घंटा 46 मिनट की कश्मकश के बाद 6-4, 7-6 (5) से हराया और पहली बार वर्ष की प्रथम ग्रैंड स्लैम स्पर्धा के अंतिम चार में जगह सुनिश्चित की। सेमीफाइनल में बोपन्‍ना व एब्‍डेन का मुकाबला चेक गणराज्य के थॉमस मैकहेक और चीन के जिजेन झेंग की गैर वरीय जोडी से होगा।

युगल में शीर्ष रैंकिंग हासिल करने वाले बोपन्ना चौथे भारतीय खिलाड़ी

करिअर की सर्वश्रेष्ठ तीसरी रैंकिंग से टूर्नामेंट में प्रवेश करने वाले बोपन्ना रविवार को टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद सोमवार को जारी की जाने वाली युगल विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच जाएंगे। रोहन से पहले अमेरिका के राजीव राम अक्टूबर, 2022 में विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने थे। उनकी उम्र 38 थी और वह करिअर में में पहली बार शीर्ष पर पहुंचे थे। वहीं एब्डेन विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। बोपन्‍ना युगल में शीर्ष रैंकिंग हासिल करने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी हैं। इससे पहले लिएंडर पेस, महेश भूपति और सानिया मिर्जा के नाम यह उपलब्धि दर्ज हो चुकी है।

रोहन बोले – नंबर एक रैंकिंग भारतीय टेनिस की अगली पीढ़ी को प्रेरित करेगी

इस बीच रोहन बोपन्ना ने कहा है कि करिअर के अंतिम पड़ाव पर उनका युगल रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचना भारतीय टेनिस के लिए प्रेरणादायी रहेगा क्योंकि इस समय वह खराब दौर से जूझती दिख रही है । बोपन्ना ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘यह उपलब्धि सिर्फ मेरे लिए ही नहीं बल्कि भारतीय टेनिस के लिए भी काफी अहमियत रखती है। अगली पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए आपको किसी चीज की जरूरत होती है। सुमित नागल का भी आस्ट्रेलियाई ओपन शानदार रहा। उसने एक दौर का मैच जीता।’

इतनी सारी कुर्बानियों के बाद मिली है यह उपलब्धि

बोपन्ना ने कहा कि यह उपलब्धि इतनी सारी कुर्बानियों के बाद मिली है। उन्होंने कहा, ‘पुरुष युगल में नंबर एक रैंकिंग पर बहुत गर्व है। यह काफी विशेष क्षण है। पर इसके लिए काफी कुर्बानी दी हैं। मेरे कोच और परिवार सभी ने। मेरा परिवार मेरे साथ ही यात्रा कर रहा है, इसलिए यह बिलकुल अलग अहसास है।’

रोहन इस बात से ज्यादा खुश दिखे कि पिछले हफ्ते भारतीय टेनिस सुर्खियों में रही। उन्होंने कहा, ‘भारतीय टेनिस में कुछ भी नहीं हो रहा था। आपके पास भी कुछ लिखने को नहीं था इसलिए यह सब बिलकुल सही समय पर हुआ।’

‘ग्रैंड स्लैम में पुरुष युगल खिताब जीतना मेरी दिली ख्वाहिश’

बोपन्ना दो बार अमेरिकी ओपन के फाइनल में पहुंचे, लेकिन कभी भी पुरुष युगल ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी नहीं जीत सके हैं। वह हालांकि फ्रेंच ओपन 2017 में वह कनाडा की गैब्रिएला डाब्रोस्की के साथ मिश्रित युगल ट्रॉफी जीत चुके हैं। चूंकि पुरुष युगल खिताब जीतने की ख्वाहिश अब तक पूरी नहीं हुई है, जिससे बोपन्ना संन्यास लेने से पहले इसे हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘ग्रैंड स्लैम में पुरुष युगल खिताब जीतना मेरी दिली ख्वाहिश है। यह किसी अन्य का लक्ष्य नहीं है।’

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