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रेलवे क्रॉसिंग पार करने से मिलेगी मुक्ति, पटरी के नीचे बनाए जाएंगे भूमिगत मार्ग

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नई दिल्ली, 26 मार्च। रेलवे पटरियों को पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय रेलवे देशभर में सुविधाजनक भूमिगत मार्ग (रेलवे अंडरपास) बनाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को यहां आयोजित एक कार्यशाला में इस पहल के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

डिजाइन ऐसा हो कि भूमिगत मार्गों का निर्माण सिर्फ 12 घंटे में पूरा हो जाए

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन भूमिगत मार्गों को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि इनका निर्माण केवल 12 घंटे में पूरा हो सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डिजाइन ऐसा होना चाहिए कि लोगों को भूमिगत मार्ग का उपयोग करने में बिल्कुल भी संकोच न हो।

रेलवे भूमिगत मार्ग बनाने के लिए 6 वर्षों का टारगेट

ये रेलवे भूमिगत मार्ग उन स्थानों पर बनाए जाएंगे, जहां पटरियों के एक तरफ आवासीय बस्ती है, जबकि दूसरी तरफ खेत, स्कूल, श्मशान घाट या अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थित हैं। अथवा अन्य ऐसा  प्वॉइंट, जहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इसके लिए छह वर्षों का टारगेट रखा गया है। देश में इस तरह की जहां भी भूमिगत मार्गों की जरूरत है, वे बनाए जाएंगे।

आमजन को होगा इससे फायदा

वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन भूमिगत मार्गों के निर्माण के दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि आम आदमी साइकिल, मोटरसाइकिल या अपने काम और आजीविका से संबंधित अन्य सामान लेकर आसानी से इनमें से गुजर सके। इससे देशभर में पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी। देश की एक बड़ी आबादी के लिए भारतीय रेल का ये अंडरपास वरदान साबित होगा।

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