नई दिल्ली, 7 अप्रैल। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है, जिसमें 5 किलो FTL (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर की आपूर्ति और वितरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। यह पत्र मुख्य रूप से प्रवासी मजदूरों, छात्रों, दिहाड़ी मजदूरों और उन लोगों को राहत देने के लिए जारी किया गया है, जिनके पास स्थायी पता या एड्रेस प्रूफ नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजकर सूचित किया है कि प्रवासी मजदूरों के लिए उपलब्ध 5 किलो FTL सिलेंडर की दैनिक मात्रा को दोगुना कर दिया गया है।
- पत्र के मुख्य बिंदु
1- 5 किलो FTL सिलेंडर की दैनिक मात्रा को दोगुना कर दिया गया है।
2- यह बढ़ोतरी 2 मार्च और 3 मार्च 2026 के दौरान प्रवासी मजदूरों को दी गई औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर की गई है।
3- यह बढ़ोतरी 21 मार्च 2026 के पत्र के पैरा 2(a) में उल्लिखित 20% सीमा से अधिक है।
4- ये अतिरिक्त 5 किलो FTL सिलेंडर पूरी तरह से राज्य सरकारों / राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकार में होंगे।
5- इन सिलेंडरों का उपयोग केवल और केवल उस राज्य के प्रवासी मजदूरों को आपूर्ति करने के लिए किया जाएगा।
6- राज्य सरकारें तेल विपणन कंपनियों की सहायता से इन सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित करेंगी।
- बिना स्थायी पते वाले लोगों को होगी आसानी
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संभावित ईंधन आपूर्ति प्रभाव को देखते हुए सरकार ने प्रवासी मजदूरों को खाना पकाने के ईंधन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। इससे प्रवासी मजदूरों, दिहाड़ी कामगारों और बिना स्थायी पते वाले लोगों को आसानी से 5 किलो LPG सिलेंडर मिल सकेंगे।
- एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं
यहां बता दें, ये 5 किलो FTL सिलेंडर बाजार दर (नॉन-सब्सिडी) पर उपलब्ध हैं और इनके लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं है। केवल वैध पहचान पत्र (जैसे आधार, वोटर आईडी आदि) के साथ निकटतम एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से खरीदा जा सकता है। यह फैसला प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे इन सिलेंडरों का लक्षित और पारदर्शी तरीके से वितरण सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की ब्लैक मार्केटिंग या दुरुपयोग को रोका जाए।

