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‘दोहरी नागरिकता’ मामले में राहुल गांधी को राहत : हाई कोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश पर लगाई रोक

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लखनऊ, 19 अप्रैल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को ‘दोहरी नागरिकता’ से जुड़े मामले में बड़ी राहत मिली, जब इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने एफआईआर दर्ज करने का अंतिम आदेश देने से पहले नोटिस जारी करके राहुल गांधी का पक्ष जानना जरूरी बताया है।

FIR से पहले नोटिस जारी कर पक्ष जानना जरूरी

इससे पहले शुक्रवार को दिन में आई थी कि हाई कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच के आदेश दे दिए हैं। हालांकि, जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने लिखित आदेश जारी करने से पहले अपना रुख बदला है।

कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता शिशिर ने दाखिल की है याचिका

दरअसल, यह मामला कर्नाटक के एक भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका से जुड़ा है। शिशिर ने राहुल गांधी पर ब्रिटेन की नागरिकता रखने का आरोप लगाया है, जो भारतीय कानून के तहत अवैध है। इससे पहले लखनऊ के एक विशेष एमपी/MLA कोर्ट ने शिशिर की इस शिकायत को खारिज कर दिया था। शिशिर ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

हाई कोर्ट ने जगन्नाथ वर्मा केसका दिया हवाला

हाई कोर्ट के लिखित आदेश से पहले अदालत के सामने ‘जगन्नाथ वर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ (2014) मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की ही फुल बेंच का एक पुराना आदेश आया। इस पुराने फैसले में बताया गया था कि रिवीजन याचिकाओं में, किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या संभावित आरोपित के खिलाफ फैसला लेने से पहले उसे अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए।

राहुल गांधी को झटका : दोहरी नागरिकता के आरोप पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

20 अप्रैल को होगी सुनवाई

ऐसे में हाई कोर्ट ने माना कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत राहुल गांधी को नोटिस जारी करना जरूरी है। इसका मतलब यह है कि अगले आदेश तक राहुल गांधी पर इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होगी। हाई कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है। इसके बाद ही अदालत राहुल गांधी पर मामला दर्ज करने या न करने का फैसला लेगी।

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