नई दिल्ली, 18 मार्च। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमान से सफर करने वाले भारतीय यात्रियों के लिए राहत की खबर दी है। इस क्रम में सरकार ने सभी एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है वे कि हर उड़ान में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराएं, ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।
𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐡𝐚𝐬 𝐞𝐦𝐞𝐫𝐠𝐞𝐝 𝐚𝐬 𝐭𝐡𝐞 𝐰𝐨𝐫𝐥𝐝’𝐬 𝐭𝐡𝐢𝐫𝐝-𝐥𝐚𝐫𝐠𝐞𝐬𝐭 𝐝𝐨𝐦𝐞𝐬𝐭𝐢𝐜 𝐚𝐯𝐢𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐦𝐚𝐫𝐤𝐞𝐭, 𝐰𝐢𝐭𝐡 𝐫𝐢𝐬𝐢𝐧𝐠 𝐚𝐜𝐜𝐞𝐬𝐬𝐢𝐛𝐢𝐥𝐢𝐭𝐲 𝐮𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐔𝐃𝐀𝐍 𝐬𝐜𝐡𝐞𝐦𝐞.
🔸The Ministry of Civil Aviation has issued new… pic.twitter.com/Zz9D47lCaj
— All India Radio News (@airnewsalerts) March 18, 2026
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। अब तक टिकट बुक करते समय या ऑनलाइन फ्लाइट के लिए चेक-इन करते समय यात्रियों को केवल कुछ ही सीटें मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती थीं। विज्ञप्ति के अनुसार सरकार ने एयरलाइंस के लिए कई अन्य निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि यात्रियों की सुविधा, पारदर्शिता और कामकाज में एकरूपता को मजबूत किया जा सके।
अब आप एक साथ ही बैठेंगे
- एयरलाइंस के लिए सरकार का एक और अहम निर्देश यह है कि यदि यात्रियों ने एक ही PNR (पैसेंजर नेम रिकॉर्ड) के तहत अपने टिकट बुक किए हैं तो उन्हें एक साथ ही बैठाया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में यात्रियों को एक-दूसरे के बगल में ही बैठाए जाने की संभावना है क्योंकि सरकार का कहना है कि इसे ही वरीयता दी जानी चाहिए।
- खेल के सामान और वाद्य यंत्रों के परिवहन को सुरक्षा और परिचालन नियमों के अधीन रहते हुए, स्पष्ट और यात्री-अनुकूल तरीके से संभाला जाना चाहिए। एयरलाइंस को पालतू जानवरों को साथ ले जाने के संबंध में भी स्पष्ट नीतियां प्रकाशित करनी चाहिए।
- यात्रियों के अधिकारों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए, विशेष रूप से फ्लाइट में देरी, फ्लाइट रद होने और बोर्डिंग से मना किए जाने के मामलों में।
- यात्रियों के अधिकारों को एयरलाइन की वेबसाइटों, मोबाइल एप्स, बुकिंग प्लेटफॉर्म और हवाई अड्डे के काउंटरों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए।
- यात्रियों के अधिकारों और सुविधाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी क्षेत्रीय भाषाओं में साझा की जानी चाहिए ताकि सभी तक पहुंच और जागरूकता बढ़ सके।

