वाराणसी, 9 अप्रैल। कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले के कथित सरगना शुभम जायसवाल के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दी है। पुलिस के अनुसार, दुबई में छिपे शुभम को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज कर दी गई है। गृह मंत्रालय ने उसके दुबई में होने की पुष्टि की है।
शुभम के दुबई में छुपे होने की पुष्टि हो चुकी है
दो हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा के अवैध कारोबार का मुख्य अभियुक्त 31 वर्षीय शुभम वाराणसी शहर के आदमपुर थानान्तर्गत प्रहलादघाट मोहल्ले का निवासी है। शुभम पहले ही कोतवाली और रोहनिया थानों के मामलों में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। अब उसके खिलाफ संपत्ति कुर्की की काररवाई भी आगे बढ़ रही है।
शुभम व उसके पिता सहित 18 आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में दाखिल है 39 हजार पन्नों की चार्चशीट
क्षेत्रीय पुलिस ने इस मामले में शुभम व उसके पिता भोला प्रसाद सहित 18 आरोपितों के खिलाफ 39 हजार पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। इसमें फर्जी फर्म, ई-वे बिल, जीएसटी दस्तावेज, बैंक लेनदेन और कॉल डिटेल को शामिल किया गया है।
सिंडिकेट से जुड़े 40 अन्य फर्म संचालकों की भी जांच की जा रही
एसीपी कोतवाली जोन, विजय प्रताप सिंह ने गुरुवार को बताया कि सिंडिकेट से जुड़े 40 अन्य फर्म संचालकों की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क उत्तर भारत से नेपाल तक नशीली कफ सिरप की सप्लाई करता था।
गौरतलब है कि वाराणसी कमिश्नरेट के रोहनिया थाने में पिछले वर्ष 19 नवम्बर को भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद की गई थी। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद 12 फरवरी, 2026 को न्यायालय में आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल कर दिया था। जांच के दौरान सामने आया कि इस गिरोह का मुख्य सूत्रधार शुभम जायसवाल, पुत्र भोला प्रसाद जायसवाल है, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए दुबई भाग गया है।
इंटरपोल और सीबीआई का एक्शन
वाराणसी पुलिस की सक्रियता और सीबीआई (CBI) के समन्वय से इंटरपोल को रेड कॉर्नर नोटिस के लिए आवेदन भेजा गया था। इंटरपोल से नोटिस जारी होने के बाद अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा एजेंसियां उसे हिरासत में लेंगी।
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद अब आरोपित के भारत प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

