लखनऊ, 20 मई। उत्तर प्रदेश में मई की भीषण गर्मी अब खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रयागराज सहित प्रदेश के 11 जिलों में आज और कल (20 व 21 मई) भीषण हीटवेव को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग इस रेड अलर्ट के बाद योगी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है और प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
बुंदेलखंड और दक्षिणी हिस्सों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर
मौसम विभाग के अनुसार 20 मई से 21 मई तक प्रयागराज, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी में भयानक लू चलने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज हो सकता है। दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। प्रदेश के बुंदेलखंड और दक्षिणी हिस्सों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर माने जा रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि तीन-चार दिन बाद इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
सीएम योगी ने दिए निगरानी के आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात को देखते हुए अधिकारियों को संवेदनशील जिलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों में दवाओं, बेड और डॉक्टरों की उपलब्धता बनी रहे। एंबुलेंस सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
राज्य सरकार ने नगर निकायों और जिला प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पानी के इंतजाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बिजली विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें
सीएम योगी ने साथ ही अपील की है कि अत्यधिक गर्मी और लू के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढककर रखने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार 21 मई तक का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील रहने वाला है। मध्याह्न 12 बजे से लेकर अपराह्न चार बजे तक गर्मी का असर चरम पर रह सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और बेहोशी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। समय रहते सावधानी न बरतने पर हीट स्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है।
श्रमिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी
प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के लिए भी विशेष एडवाइजरी जारी की है। निर्माण कार्य, खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों को दोपहर के समय काम से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि कार्यस्थलों पर ठंडे पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्रमिकों को बीच-बीच में छाया में आराम देने और ORS का घोल पिलाने पर जोर दिया गया है।
पशुपालकों को भी दी गई सलाह
गांवों में पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पशुओं को दिन में कई बार ताजा और ठंडा पानी पिलाने के निर्देश दिए गए हैं। दोपहर के समय पशुओं को खुले में न बांधने और उन्हें छायादार स्थान पर रखने को कहा गया है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि भीषण गर्मी का असर इंसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी तेजी से पड़ता है।
आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील
प्रशासन ने इसी क्रम में लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत पड़ने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है। आपात स्थिति में पुलिस सहायता के लिए 100 और 112, एंबुलेंस सेवा के लिए 108, राहत आपदा कंट्रोल रूम के लिए 1070 और जिला आपदा कंट्रोल रूम के लिए 1077 नंबर जारी किए गए हैं।

