By Varsha Pargat
आज रामनवमी है और यह पर्व भारत की संस्कृति, ज्ञान और संस्कारों का पर्व माना जाता है. अन्याय ,अत्याचार अनीति, दुराचार का अंत करने भगवान विष्णु मनुष्य रूप में अवतरित हुए और राम का जन्म हुआ. प्रभु राम भारत की आत्मा है, प्रकाश है, ऊर्जा है और हमेशा हमारे दिल में उनका वास रहेगा.
वैसे देखा जाए तो राम रोम रोम में है .राम हर घर ,आंगन में है. राम हमारे मन में है. राम का अर्थ ही स्वयं प्रकाश है. अपने भीतर का प्रकाश राम. हमारे मन का प्रकाश है. हमारे पौराणिक ग्रंथ में लिखा गया है कि राम 16 गुन और 14 कलाओं में निपुण थे. इन 16 गुणों में सदाचार, धर्म, बुद्धिमत्ता, नीति, आदि सभ गुणों का समावेश होता है. पुरुषों में सबसे उत्तम, ऐसे पुरुषोत्तम राम. मर्यादाओं का पालन करने वाले राम. राम के बारे में जितना पढ़ेंगे उतने नए विचार और नयापन मिलेगा . जरुरत है हमारे दृष्टिकोण को बदलने की ,इसीलिए कहा जाता है कि अपने-अपने राम. जो जैसा दिखेगा वैसा ही पाएगा. जो जैसा सोचेगा वैसे राम उसको मिलेंगे. राम सभी के हैं. राम कौशल्या के हैं तो कैकई के सबसे प्रिय है. राम भरत के थे वैसे हनुमान के . केवट के राम थे तो शबरी के भी थे.
इस सृष्टि के राम थे और सृष्टि के रहेंगे .इसीलिए राम आज भी हमारे मन में है. राम एक सोच है, आचार है, विचार है ,संस्कार है, सदाचार है, विवेक है ,संयम है और राम वीरता के प्रतीक है. राम त्याग है, तपस्या है, अनुष्ठान भी है. राम की जीवन यात्रा ही रामायण है .राम के जीवन का प्रवास अर्थात एक राजपुत्र से होकर सर्वोच्च स्थान मर्यादा पुरुषोत्तम पहुंचने का प्रवास है, जो संघर्षों से भरा है.
राम शांत है, संयमी है और क्षमाशील भी है. परंतु जब-जब शस्त्र की आवश्यकता पड़ी है उन्होंने शस्त्र उठाए और दैत्यों का नाश किया .राम और रावण का युद्ध मतलब सत्य और सत्य का युद्ध था. धर्म और धर्म का युद्ध था. धर्म की स्थापना के लिए राम का अवतार हुआ .राम ने पूरी दुनिया को मार्ग दिखाया. आज हम राम के आदर्शों को मानते हुए आगे बढ़ेंगे तो शायद फिर से “राम राज्य” की तरह एक समृद्ध राष्ट्र की निर्मिती हम कर पाएंगे.
राम का संपूर्ण जीवन कठिनाइयों से भरा था. उनके जीवन की यात्रा मतलब संघर्ष की यात्रा थी. राम का महत्व इसलिए है क्योंकि उन्होंने सारी मुश्किलों का सामना किया और मुश्किल समय में भी अपने मर्यादाओं का पालन किया. राम धैर्य की प्रेरणा है और राम ने अपने जीवन काल में धैर्य रखते हुए सभी स्थितियों का सामना करते हुए विजय प्राप्त किया. भारतीय संस्कृति में राम का महत्व सदियों से विद्यमान है.
राम को धर्म ,जाति ,देश और कIल तक सीमित नहीं किया जा सकता. राम दुनिया की शक्ति है. जीवन की प्रत्येक समस्या के निवारण का रहस्य राम में है.राम देश के गौरव, सांस्कृतिक पहचान और स्वाभिमान है. इसीलिए हम कहते हैं “कण कण “ में राम है. राम का तेज इतना दिव्या है कि जो समस्त राष्ट्र और विश्व को आलोकित करता है और सदैव करता रहेगा.
जय श्री राम !
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