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राम मंदिर दान विवाद : एसआईटी गठन के फैसले का नृपेंद्र मिश्र ने किया स्वागत, बताया जरूरी कदम

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अयोध्या, 14 जून। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किए जाने के फैसले का रविवार को स्वागत किया और इसे एक अहम कदम बताया। यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में मिश्र ने कहा, ” एसआईटी का गठन सरकार की तत्परता को दिखाता है और यह एक अहम कदम है।” उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।

ट्रस्ट ने तथ्यों का पता लगाने और गलत जानकारी और राम मंदिर की छवि खराब करने की कोशिशों का जवाब देने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इस एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर परिसर में जारी निर्माण कार्यों की भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि परिसर के चारों ओर लगभग चार किलोमीटर लंबी आधुनिक चारदीवारी बनाई जा रही है, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 25 ‘वॉच टावर’ भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चारदीवारी और ‘वॉच टावर’ का निर्माण ‘इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड’ कर रहा है। इसे अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के अग्रभाग की ‘लाइटिंग’ 15 अगस्त तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रस्तावित राम कथा संग्रहालय की 20 गैलरियों की रूप रेखा भी तैयार की जा चुकी है।

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