Site icon hindi.revoi.in

दक्षिण कोरियाई धरती से राजनाथ सिंह का दुश्मनों को सख्त संदेश – ‘नया भारत परमाणु धमकी नहीं सहेगा’

Social Share

स्योल, 20 मई। भारत और दक्षिण कोरिया ने रक्षा साइबरस्पेस क्षेत्र और सैन्य प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाने के लिए बुधवार को महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दक्षिण कोरिया के तीन दिवसीय दौरे पर राजधानी स्योल पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष एह्न ग्यू-बैक के बीच यहां हुई व्यापक वार्ता के बाद ये समझौते हुए

राजनाथ व ग्यू-बैक के बीच वार्ता के दौरान दोनों देशों ने मजबूत द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और नियम-आधारित हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में हाल के वर्षों में चीन की बढ़ती आक्रामकता देखी गई है।

दोनों नेताओं ने समग्र रक्षा सहयोग की समीक्षा की और सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन, समुद्री सुरक्षा, उभरती तकनीकों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

साइबरस्पेस और सैन्य प्रशिक्षण से जुड़े समझौतों के अलावा भारत की लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) और दक्षिण कोरिया की हनव्हा कंपनी के बीच भी दो समझौते हुए।

ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ सिंह का बड़ा संदेश

राजनाथ सिंह ने इसी क्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत के एक मजबूत, आत्मविश्वासी और सक्षम राष्ट्र में परिवर्तन का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, “यह ऑपरेशन इस बात का सबूत है कि भारत किसी भी रूप में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति के रूप में, हम ‘पहले प्रयोग न करने’ की नीति का दृढ़ता से पालन करते है।”

परमाणु धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा भारत

रक्षा मंत्री ने कहा, “हालांकि, कई बार लोग हमारे संयम और शांति के प्रति प्रतिबद्धता को कमजोरी समझ लेते हैं। भारत अपनी ‘पहले प्रयोग न करने’ की नीति के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए भी, किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा। यही है नया भारत।”

वहीं रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते रक्षा नवाचार और टेक्नोलॉजी साझेदारी के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। इन समझौतों से दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने और प्रौद्योगिकी सहयोग तथा क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलने की आशा है।

Exit mobile version