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राहुल गांधी ने नई दिल्ली स्टेशन जाकर कुलियों से की मुलाकात, देशवासियों की तरफ से दिया धन्यवाद

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नई दिल्ली, 1 मार्च। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को कुलियों से मिलने के लिए अचानक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जा पहुंचे। स्टेशन पर करीब 40 मिनट तक रहे राहुल ने न सिर्फ कुलियों की समस्याओं और परेशानियों के बारे में जानकारी ली, बल्कि बीते दिनों स्टेशन पर मची भगदड़ के दौरान यात्रियों की जान बचाने के लिए देशवासियों की तरफ से उन्हें धन्यवाद भी कहा।

राहुल गांधी ने कुलियों से मुलाकात की जानकारी देते हुए बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने लिखा, ‘अक्सर सबसे अंधकार भरे समय में ही इंसानियत की रोशनी सबसे ज्यादा चमकती है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के दौरान कुली भाइयों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए कई यात्रियों की जान बचाई थी। इसके लिए मैंने देशवासियों की ओर से आज उनका धन्यवाद किया।’

कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, ‘लेकिन ऐसे हादसों से सीख लेना जरूरी है। भीड़ नियंत्रण, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करके इन्हें रोका जा सकता है। आशा है सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी ताकि हर वर्ग के यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकें।’

राहुल से मुलाकात पर कुलियों ने जताई खुशी

दूसरी तरफ राहुल गांधी के रेलवे स्टेशन से जाने के बाद उनके साथ हुई मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए स्टेशन पर मौजूद दीपेश मीना नाम के एक कुली ने कहा, ‘हमको बहुत खुशी हुई कि राहुल गांधी हमसे मिलने आए। उस दिन इतनी भगदड़ हुई थी, जिसमें हमारे कुली भाई भी घायल हुए थे और हमने भी लोगों की काफी मदद की थी। वो पहले भी कई बार मिलने आ चुके हैं। बहुत अच्छा लगा कि वो एकबार फिर हमसे मिलने आए। उनसे काफी बात हुई, उन्होंने हमें ग्रुप डी, बीमा और पानी की समस्या को लेकर आश्वासन दिया है। उन्होंने हमारी सारी दर्द भरी कहानी सुनी और हमको उम्मीद है कि वो हमारी मदद की पूरी कोशिश करेंगे। वो करीब 30-40 मिनट तक हमारे बीच रहे और एक भाई की तरह उन्होंने हमसे बात की और हमारी सारी समस्याएं सुनीं, बहुत अच्छा लगा।’

एक अन्य कुली ने राहुल से हुई बातचीत के बारे में कहा, ‘उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा, वे यहां करीब 40 मिनट तक रहे। जो भी हमारी सारी समस्याएं थीं हमने उन्हें बता दीं। जो भी हमारी ग्रुप डी की मांग थी, मेडिकल वगैरह की जो भी मांगें थीं, सारी बातें हमने उन्हें बता दीं। उन्होंने गंभीरता से हमारी बातों को सुना।’

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