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मीडिया पर भड़के राहुल गांधी, संभावित ‘विशेषाधिकार’ प्रस्ताव के सवाल पर लगाए गंभीर आरोप

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नई दिल्ली, 12 फरवरी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी गुरुवार को मीडियाकर्मियों के एक वर्ग पर भड़क गए, जब बजट सत्र के दौरान सत्ताधारी दल द्वारा उनके खिलाफ संभावित विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) को लेकर सवाल पूछा गया। राहुल ने पत्रकारों पर तंज कसते हुए पूछा, ‘क्या आपको आज के लिए यह कोड वर्ड दिया गया है?’ उन्होंने साथ ही मीडिया से अपने काम में निष्पक्ष रहने और अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने को कहा।

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान अपने संबोधन में केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया था और कई आरोप लागाए थे अपने भाषण के दौरान कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ बड़े उद्योगपतियों के बीच कथित संबंधों का जिक्र किया था। उनके आरोपों को लेकर काफी विवाद हुआ।

विशेषाधिकार प्रस्ताव लाए जाने की संभावना कम

पहले यह कहा जा रहा था कि सत्ता पक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाएगा। हालांकि, अब तक इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है कि सत्तापक्ष उनके खिलाफ कोई प्रस्ताव ला रहा है या नहीं। सरकार के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि विशेषाधिकार प्रस्ताव की संभावना कम है। सरकार ने फैसला किया कि राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन नहीं लाया जाएग, बल्कि उनके भाषण के कुछ शब्दों/लाइनों को संसद की रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा क्योंकि वे बिना प्रमाण के थे।

राहुल ने पत्रकारों से पूछा – क्या आज के लिए ‘विशेषाधिकार’ कोड वर्ड है?

इस बीच आज राहुल गांधी जब संसद परिसर के बाहर अपनी कार की ओर जा रहे थे, तभी कुछ पत्रकारों ने उनके खिलाफ संभावित विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) पर उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए उन्हें घेर लिया। इस सवाल से वह स्पष्ट रूप से भड़क गए और पत्रकारों से पूछा, “क्या आज के लिए ‘विशेषाधिकार’ कोड वर्ड है? क्या आज के लिए आपको यह शब्द दिया गया है?”

‘आप मीडिया के जिम्मेदार लोग हैं, आपकी जिम्मेदारी निष्पक्ष रहने की है’

पत्रकारों पर और हमला बोलते हुए राहुल ने कहा, “कल शब्द ‘प्रमाणीकरण’ था, आज यह ‘विशेषाधिकार’ है। आपको कुछ निष्पक्ष काम करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा, ‘आप जिम्मेदार लोग हैं, आप मीडिया के लोग हैं, आपकी जिम्मेदारी निष्पक्ष रहने की है। आप इस देश का अहित कर रहे हैं। क्या आप इसे पहचान नहीं पा रहे हैं?’

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