पुरी रथ यात्रा : श्रद्धालु की मौत पर ओडिशा सरकार घिरी, कांग्रेस ने भीड़ प्रबंधन पर उठाए सवाल
भुवनेश्वर, 17 जुलाई। ओडिशा के पुरी में गुरुवार को आयोजित भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान एक श्रद्धालु की मौत के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। बीजू जनता दल (बीजद) के साथ-साथ ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) ने भी भीड़ प्रबंधन को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास ने श्रद्धालु की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि बड़ा डांडा (ग्रैंड रोड) स्थित मारीचिकोट चौक के पास अत्यधिक भीड़ के कारण क्योंझर जिले के निवासी अनिल दास का दम घुटने लगा। पुलिस बैरिकेड से करीब 100 फीट दूर वह अचानक गिर पड़े। उन्हें तत्काल पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भक्त चरण दास ने दावा किया कि रथ यात्रा के दौरान एक श्रद्धालु की मौत हुई, जबकि 150 से अधिक लोगों का दम घुटने और भीड़ से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण इलाज किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आना गंभीर चिंता का विषय है और इसकी विस्तृत समीक्षा होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने पिछले वर्ष रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ का भी जिक्र किया, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जरूरत से ज्यादा कॉर्डन पास जारी किए गए और आरएसएस स्वयंसेवकों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश देने से अव्यवस्था की स्थिति पैदा हुई।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बार भगवान जगन्नाथ की एक पारंपरिक रस्म “ताहिया” के बिना पूरी कराई गई, जिससे ओड़िया समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ताहिया भगवानों को पहनाया जाने वाला बड़ा और सुगंधित पुष्प मुकुट होता है।
वहीं, राज्य सरकार ने रथ यात्रा के दौरान भगदड़ की घटनाओं के आरोपों से इनकार किया है, लेकिन दो श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की है। सरकार के अनुसार, रथ यात्रा के दौरान सात श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई थी, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के एक श्रद्धालु की कथित तौर पर दम घुटने से मौत हुई, जबकि एक अन्य 35 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालु की हृदयाघात से जान चली गई।
