श्रीनगर, 21 मई। जम्मू-कश्मीर के फैले आतंकी नेटवर्क को एक और बड़ा झटका लगा, जब प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ (Al Badr) के प्रमुख कमांडरों में एक और पुलवामा हमले का मास्टमाइंड अरजुमंद गुलजार डार उर्फ बुरहान हमजा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में ढेर कर दिया गया।
पाकिस्तान में पहचान छुपाने के लिए स्कूल का प्रिंसिपल बना हुआ था
प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 वर्षीय आतंकी हमजा बुरहान को PoK के मुजफ्फराबाद में गोली मारी गई। यह शख्स पाकिस्तान में खुद को टीचर बताता था। दरअसल हमजा अपनी पहचान छिपाने के लिए एक स्कूल में प्रिंसिपल भी बना हुआ था। स्कूल से जुड़ा होना इसके लिए कवर का काम करता था।
बताया जा रहा है कि हमजा अपने ऑफिस में बैठा हुआ था। इस दौरान कुछ लोग पहुंचे और उसे कई गोलियों से छलनी कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार बुरहान को काफी करीब से सिर में गोली मारी गई।
सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था हमजा बुरहान
हमजा बुरहान सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के रतनीपुरा (खरबतपोरा) का रहने वाला हमजा वैध यात्रा दस्तावेजों के जरिए 2017 में भारत से पाकिस्तान गया था और तभी से पाकिस्तान में रह रहा था।
पाकिस्तान पहुंचने के बाद हमजा बुरहान आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया। अपनी कट्टरता के कारण उसने जल्द ही संगठन में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया और उसे कमांडर बना दिया गया। तब से वह पाकिस्तान और पीओके में सुरक्षित बैठकर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को ऑपरेट कर रहा था।
पुलवामा हमले में मुख्य भूमिका
उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में हमजा बुरहान की मुख्य भूमिका थी। उस आतंकी हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, पुलवामा हमले के लिए ओवरग्राउंड वर्करों (OGWs) के जरिए भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार इकट्ठा करवाने का जिम्मा इसी के पास था। वह घाटी के स्थानीय युवाओं को बरगलाकर, उनका ब्रेनवॉश कर आतंकवाद के रास्ते पर धकेलने और उन्हें अल-बद्र में भर्ती करने का काम भी बड़े पैमाने पर कर रहा था।

