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श्रीलंका संकट : राष्ट्रीय चैनल रूपवाहिनी पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा, प्रसारण ठप, अमेरिकी दूतावास ने बंद कीं सेवाएं

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कोलंबो, 13 जुलाई। अभूतपूर्व आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में जहां आपातकाल लागू कर दिया गया है वहीं इस्तीफे की घोषणा करने से पहले ही राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के देश छोड़कर मालदीव चले जाने के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बुधवार को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने रूपवाहिनी कॉरपोरेशन के दफ्तर को चारों तरफ से घेरा

फिलहाल देश में एक बार फिर शुरू हो चुके विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रदर्शनकारियों ने कोलंबो में राष्ट्रीय टीवी चैनल रूपवाहिनी कॉरपोरेशन के दफ्तर को चारों तरफ से घेर लिया, जिसके चलते टीवी चैनल ने प्रसारण बंद करने का फैसला किया है। श्रीलंकाई मीडिया के हवाले से एक ट्वीट में यह जानकारी दी गई। ट्वीट में कहा गया कि कोलंबो में प्रदर्शनकारियों से अपने परिसर के घिर जाने के बाद चैनल ने प्रसारण रोक दिया।

प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर हजारों प्रदर्शनकारी जमा

उधर, प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर गोलियों की आवाज सुनाई दी है, जहां हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हैं। पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ रही है। इसके बावजूद वे अवरोधकों को हटाकर प्रधानमंत्री के कार्यालय में घुस गए। इस दौरान 30 से ज्यादा प्रदर्शनकारियो के घायल होने की सूचना है।

प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने पहले ही कहा है कि वह इस्तीफा देने और सर्वदलीय सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रपित भवन पर प्रदर्शनकारी पहले ही कब्जा कर चुके हैं। आपातकाल के बाद स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।

‘कोलंबो गजट’ समाचार पोर्टल की खबर के अनुसार, प्रदर्शनकारी संसद अध्यक्ष के आवास के आसपास भी एकत्रित हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए सेना को तैनात किया गया है। कोलंबो में अमेरिकी दूतावास ने अगले दो दिनों के लिए एहतियात के तौर पर अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं।

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