सिलीगुड़ी, 7 मार्च। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए शनिवार को पश्चिम बंगाल पहुंचीं। लेकिन हवाई अड्डे से लेकर कार्यक्रम स्थल तक ममता बनर्जी की अगुआई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की बेरुखी से वह काफी क्षुब्ध नजर आईं और उन्होंने बातचीत के दौरान सीएम ममता और उनकी सरकार के खिलाफ नाराजगी भी जाहिर की।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस सिलीगुड़ी महकमा परिषद के फांसीदेवा क्षेत्र में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कॉन्फ्रेंस के लिए तय किए गए स्थल को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष भी किया।
राष्ट्रपति बोलीं – स्थान छोटा होने से बड़ी संख्या में संथाल समुदाय के लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि कॉन्फ्रेंस के लिए जो स्थान तय किया गया था वह काफी छोटा था, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में संथाल समुदाय के लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि उस जगह पर पांच हजार लोगों के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं था।
पूछा – विधाननगर का बड़ा मैदान होते छोटी जगह क्यों तय की गई?
संथाल कॉन्फ्रेंस के बाद राष्ट्रपति एक अन्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विधाननगर मैदान पहुंचीं। वहां पहुंचकर उन्होंने मैदान का आकार देखकर आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि विधाननगर का मैदान काफी बड़ा है, यहां लाखों लोगों के आने की क्षमता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस का आयोजन इस बड़े मैदान में किया जाता तो करीब पांच लाख लोग इसमें शामिल हो सकते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतना बड़ा मैदान उपलब्ध था तो फिर कॉन्फ्रेंस के लिए इतनी छोटी जगह क्यों तय की गई?
‘ममता छोटी बहन की तरह, लगता नहीं कि वह नाराज हैं’
अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी उनके लिए छोटी बहन की तरह हैं और वह उन्हें बहन की तरह ही प्यार करती हैं। उन्हें नहीं लगता कि ममता उनसे नाराज हैं, लेकिन इसके बावजूद समझ नहीं आता कि इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के लिए इतनी छोटी जगह क्यों दी गई।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि ऐसा लगता है मानो यह सोचा गया हो कि वह (राष्ट्रपति) छोटे मैदान में आकर कार्यक्रम में शामिल हों और फिर लौट जाएं। बताया गया कि फांसीदेवा में आयोजित पहले कार्यक्रम में जगह कम होने के कारण बड़ी संख्या में लोग शामिल नहीं हो पाए थे। इसके बाद जब राष्ट्रपति विधाननगर मैदान पहुंचीं तो उन्होंने वहां के बड़े मैदान को देखते हुए यह टिप्पणी की।
प्रोटोकॉल का पालन नहीं किए जाने पर भी दुख व्यक्त किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बात पर भी दुख व्यक्त किया कि निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें इससे व्यक्तिगत रूप से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन देश के राष्ट्रपति के लिए तय किए गए प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए।
क्या हैं राष्ट्रपति के लिए प्रोटोकॉल के नियम
देश के राष्ट्रपति के लिए तय प्रोटोकॉल के तहत जिस राज्य में उनका दौरा होता है, वहां राज्य का राज्यपाल आम तौर पर राष्ट्रपति का स्वागत करते हैं। कई बार मुख्यमंत्री भी स्वागत के लिए मौजूद रहते हैं। मुख्यमंत्री और राज्यपाल यदि किसी वजह से मौजूद नहीं हों तो राज्य सरकार का वरिष्ठ मंत्री उपस्थित रहता है। इस दौरान राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी भी स्वागत के लिए मौजूद होते हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री ममता हवाई अड्डे से लेकर राष्ट्रपति के किसी भी कार्यक्रम में नहीं दिखीं।

