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माघ मेला 2026 की तैयारी : प्रयागराज में 27 स्पेशल ट्रेनों को मिला अतिरिक्त ठहराव, अब इन स्टेशनों पर भी रुकेंगी

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वाराणसी/प्रयागराज, 1 जनवरी। पूर्वोत्तर रेलवे (NER) प्रशासन माघ मेला 2026 में आने वाले श्रद्धालु यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधा विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है। इसके साथ ही कई रेलगाड़ियों का दो मिनट का अतिरिक्त अस्थाई ठहराव भी किया गया है। इस बीच NER के मुख्य जन संपर्क अधिकारी पंकज कुमार ने गुरुलार को बताया कि 27 स्पेशन ट्रेनों को प्रयागराज, रामबाग और झूंसी स्टेशनों पर कई तिथियों पर अतिरिक्त ठहराव प्रदान किया जाएगा।

इनका रेलगाड़ियों का होगा अतिरिक्त ठहराव

ट्रेनों का प्रयागराज स्टेशन पर ठहराव

वहीं माघ मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने प्रयाग स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव में बदलाव किया है। एक जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक कुल 22 ट्रेनों को प्रयागराज स्टेशन पर अतिरिक्त दो मिनट का ठहराव दिया गया है। यह व्यवस्था माघ मेले में आने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।

सुपरफास्ट, एक्सप्रेस और वंदे भारत का ठहराव

उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के मुख्य जन संपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि नई व्यवस्था एक जनवरी से प्रभावी हो चुकी है। जिन ट्रेनों को अतिरिक्त ठहराव दिया गया है, उनमें सुपरफास्ट, एक्सप्रेस और वंदे भारत ट्रेनें भी शामिल हैं। इससे माघ मेले के दौरान प्रयाग स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।

इन प्रमुख ट्रेनों का प्रयाग स्टेशन पर ठहराव

इसी क्रम में इंदौर–वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, बांद्रा टर्मिनल–गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, चेन्नै सेंट्रल–छपरा सुपरफास्ट, लोकमान्य तिलक–गोरखपुर एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक–अयोध्या कैंट एक्सप्रेस, यशवंतपुर–लखनऊ एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस, छपरा एक्सप्रेस, दुर्ग–नौतनवा एक्सप्रेस समेत कुल 22 ट्रेनों को प्रयाग स्टेशन पर दो मिनट अतिरिक्त रोकने का निर्णय रेल प्रशासन द्वारा लिया गया है। इसके अलावा गोरखपुर–प्रयागराज और प्रयागराज–गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को भी इस अवधि में अतिरिक्त ठहराव मिलेगा।

यात्रियों की सुविधा पर जोर

शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि यह निर्णय माघ मेला क्षेत्र में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षित आवागमन और समय प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन की अपडेट समय सारिणी की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।

भारतीय रेल का पहला रेल लोको–थीम्ड रेस्टोरेंट प्रयागराज में

इस बीच उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने भारतीय रेल के इतिहास में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए पहले रेल लोको–थीम्ड रेस्टोरेंट की स्थापना की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यह अभिनव रेस्टोरेंट प्रयागराज छिवकी स्टेशन परिसर में स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस परियोजना की परिकल्पना महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने की थी।

रेस्टोरेंट यात्रियों को यादगार अनुभव देगा: प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक ब्रिजेन्द्र कुमार के सहयोग, मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (कोचिंग) हरिमोहन के नेतृत्व में प्रयागराज मंडल के वाणिज्य विभाग ने रेल लोको–थीम्ड रेस्टोरेंट के लिए टेंडर सफलतापूर्वक आवंटित किया है. यह निविदा मेसर्स बून एन जील एंटरप्राइजेज को प्रदान की गई है. रेल लोको की थीम पर आधारित यह रेस्टोरेंट यात्रियों को एक अलग और यादगार भोजन अनुभव देगा।

स्टेशन परिसर का आकर्षण बढ़ेगा

सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार इस पहल से यात्रियों की सुविधा और स्टेशन परिसर का आकर्षण तो बढ़ेगा ही, साथ ही गैर–किराया राजस्व के नए स्रोत भी विकसित होंगे। यह परियोजना प्रयागराज मंडल में 10 वर्षों के लिए स्वीकृत की गई है, जिसमें वार्षिक लाइसेंस शुल्क 14.59 लाख रुपये तय किया गया है। पूरे अनुबंध का कुल मूल्य करीब 1.96 करोड़ रुपये है, जिसमें कर शामिल नहीं है।

इस तरह की नवाचारी परियोजनाओं का उद्देश्य यात्रियों के समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना और आय के स्थायी स्रोत तैयार करना है। रेल लोको–थीम्ड रेस्टोरेंट की यह पहल भारतीय रेल की यात्री–केंद्रित सोच, नवाचार और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

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