तेल अवीव, 25 फरवरी। दो दिवसीय यात्रा पर इजराइल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद ‘नेसेट’ (Knesset) को संबोधित किया। संसद में उनकी मौजूदगी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि नौ वर्ष पहले उन्हें पहली बार इजराइल आने का सौभाग्य मिला था और आज फिर यहां आकर वह बेहद प्रसन्न हैं।
7 अक्टूबर के हमास हमले पर संवेदना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में गत सात अक्टूबर को हुए हमास हमले का उल्लेख किया और मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘हम आपका दर्द समझते हैं, हम आपके दु:ख में शामिल हैं। भारत पूरी मजबूती से इजराइल के साथ खड़ा है।’
आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी वजह से आम लोगों की हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है और 26/11 मुंबई हमले में मारे गए बेगुनाह लोगों को, जिनमें इजराइली नागरिक भी शामिल थे, देश आज भी याद करता है।
यहूदी समुदाय के प्रति सम्मान का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि यहूदी समुदाय भारत में बिना किसी जुल्म या भेदभाव के डर के रहता है। वे अपने धर्म को बनाए रखते हुए समाज में पूरी तरह से सहभागी हैं और यह भारत के लिए गर्व की बात है।
वैश्विक सहयोग की जरूरत
उन्होंने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए दुनियाभर में मिलकर और निरंतर काररवाई की जरूरत है, क्योंकि कहीं भी होने वाला आतंक हर जगह शांति के लिए खतरा है। उन्होंने इजराइल की जनता को भरोसा दिलाया कि शांति के प्रयासों में भारत सदैव साथ खड़ा रहेगा।
Here are some more glimpses from the Knesset.@KnessetENG pic.twitter.com/JxTdGUPK6x
— Narendra Modi (@narendramodi) February 25, 2026
भारत-इजराइल संबंधों का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि इजराइल का उनका पहला दौरा 2006 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हुआ था। बाद में 2017 में प्रधानमंत्री के तौर पर यात्रा के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाया। तब से कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने का संकल्प लिया गया है।
स्टार्टअप और नवाचार पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इजराइल को अक्सर स्टार्टअप नेशन कहा जाता है और भारत भी युवाओं के नवाचार व रचनात्मकता को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि 2018 में उन्होंने और बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत में आई-क्रिएट टेक बिजनेस इनक्यूबेटर का उद्घाटन किया था, जिसने अब तक 900 स्टार्टअप को समर्थन दिया है।
It's been an honour to address the Knesset. It was also a delight to interact with distinguished members of the Knesset. My address covered the deep-rooted friendship between our nations and the goodwill of the people of India towards the people of Israel.@KnessetENG pic.twitter.com/rnukt3E0g3
— Narendra Modi (@narendramodi) February 25, 2026
आर्थिक सहयोग को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल व्यापार बढ़ाने, निवेश प्रवाह मजबूत करने और संयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हाल ही में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय निवेश संधि से व्यापार को भरोसा और स्थिरता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने कई देशों के साथ व्यापार समझौते भी किए हैं।
Prime Minister Netanyahu in a special Knesset session honoring Prime Minister @narendramodi:
“India and Israel are two ancient civilizations, from the Indus Valley to the Jordan Valley.
Our alliance multiplies our strengths, in spirit, in action, and in innovation.
Together,… pic.twitter.com/33euljVB33
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) February 25, 2026
नेसेट में भव्य स्वागत, नेतन्याहू बोले – ‘आप दोस्त से बढ़कर भाई जैसे’
इसके पूर्व अपने संबोधन के लिए इजराइली संसद ‘नेसेट’ पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। इजराइली सांसदों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया और संसद में ‘मोदी, मोदी’ के नारे गूंजे। वहीं स्पीकर अमीर ओहाना ने हिन्दी में उनका स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक क्षण बताया।
इजराइली पीएम नेतन्याहू ने ‘मोदी हग’ और दोस्ती का किया जिक्र
इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा, ‘नरेंद्र, मेरे प्रिय मित्र, आपके यहां आने से मैं बेहद भावुक हूं। इजराइल के महान मित्र और भारत-इजराइल साझेदारी के बड़े समर्थक के रूप में आपका स्वागत है।‘ उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी को मित्र से बढ़कर भाई मानते हैं और एयरपोर्ट पर ‘मोदी हग’ की याद भी साझा की।
मेडिटेरेनियन तट की यादें
नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी की पिछली यात्रा को याद करते हुए कहा कि दोनों नेता मेडिटेरेनियन तट पर साथ चले थे। उन्होंने कहा कि भले ही वे पानी पर नहीं चले, लेकिन तब से दोनों देशों ने ‘चमत्कार’ किए हैं – व्यापार दोगुना, सहयोग तिगुना और आपसी समझ चार गुना बढ़ी है।
ऐतिहासिक संबोधन पर गर्व
अमीर ओहाना ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नेसेट को संबोधित करना एक ऐतिहासिक अवसर है और यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत कर रहे हैं।

