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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के प्लेनरी सेशन में बोले पीएम मोदी- AI का सही उपयोग मानवता के लिए अवसर बनेगा

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नई दिल्ली, 19 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां भारत मंडपम में जारी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान नेताओं के प्लेनरी सेशन में कहा कि भारत में आयोजित यह समिट मानव-केंद्रित और संवेदनशील वैश्विक एआई इकोसिस्टम के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि मानवता ने हर बड़े बदलाव को अवसर में बदला है और अब एआई के रूप में दुनिया के सामने ऐसा ही एक अवसर मौजूद है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की धरती है और सही समझ से ही सही निर्णय संभव होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि एआई का वास्तविक प्रभाव तभी दिखेगा, जब सही समय पर सही नियत के साथ सही फैसले लिए जाएंगे।

कोविड काल में तकनीक की भूमिका का उल्लेख

उन्होंने कहा कि कोविड वैश्विक महामारी के दौरान दुनिया ने देखा कि सहयोग से असंभव भी संभव हो सकता है। वैक्सीन विकास से लेकर आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और डाटा साझाकरण तक, तकनीक ने मानवता की सेवा की। भारत के डिजिटल वैक्सीनेशन प्लेटफॉर्म और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने संकट के समय करोड़ों लोगों की मदद की और डिजिटल डिवाइड को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समावेशी एआई और ग्लोबल साउथ पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई तकनीक सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई गवर्नेंस के केंद्र में ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं और प्राथमिकताओं को स्थान दिया जाना आवश्यक है, ताकि तकनीकी प्रगति वैश्विक समानता को बढ़ावा दे।

एथिकल एआई के लिए तीन सुझाव

पीएम मोदी ने एआई के नैतिक उपयोग के लिए तीन प्रमुख सुझाव दिए। पहला, डेटा सोवरेनिटी का सम्मान करते हुए भरोसेमंद वैश्विक डेटा फ्रेमवर्क विकसित किया जाए। दूसरा, एआई प्लेटफॉर्म अपने सुरक्षा नियम पारदर्शी रखें और ‘ब्लैक बॉक्स’ की जगह ‘ग्लास बॉक्स’ दृष्टिकोण अपनाएं। तीसरा, एआई को स्पष्ट मानवीय मूल्यों और दिशा-निर्देशों से संचालित किया जाए, ताकि तकनीक मानव नियंत्रण में रहे।

भारत की एआई क्षमता और बुनियादी ढांचा

उन्होंने कहा कि भारत एआई की वैश्विक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत के एआई मिशन के तहत देश में 38,000 GPUs स्थापित किए जा चुके हैं और अगले छह महीनों में 24,000 और जोड़े जाएंगे। साथ ही स्टार्टअप्स को किफायती दरों पर विश्वस्तरीय कंप्यूटिंग पावर उपलब्ध कराई जा रही है। राष्ट्रीय संसाधन के रूप में हजारों डाटा सेट्स और सैकड़ों एआई मॉडल भी साझा किए गए हैं।

मानव मूल्यों के साथ तकनीकी विकास की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई मानवता की भलाई के लिए साझा संसाधन है। उन्होंने वैश्विक समुदाय से ऐसा एआई भविष्य बनाने का आह्वान किया, जो नवाचार को बढ़ावा दे, समावेशन को मजबूत करे और मानव मूल्यों पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि जब तकनीक और मानव विश्वास साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, तब एआई का वास्तविक प्रभाव दुनिया के सामने आएगा।

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