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पीएम मोदी ने ओम बिरला की कार्यशैली को सराहा, कहा- दलों से ऊपर उठकर जिम्मेदारी निभा रहे लोकसभा स्पीकर

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नई दिल्ली, 7 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कार्यशैली और व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा स्पीकर भी हैं। उन्होंने ओम बिरला को संविधान के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि उनमें संसदीय परंपराओं व प्रणालियों के प्रति स्पष्ट रूप से निष्ठा दिखाई देती है।

पीएम मोदी ने शनिवार को कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास समारोह को वर्चुअली संबोधित करते वक्त उक्त टिप्पणी की। उन्होंने ओम बिरला की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि लोकसभा स्पीकर के रूप में ओम बिरला किसी एक पक्ष के सदस्य नहीं रहते बल्कि वे पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों से ऊपर उठकर सदन का संचालन करते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी वह सदन में ओम बिरला को देखते हैं तो उन्हें यह एहसास होता है कि यह शायद शिक्षा की नगरी से आने का प्रभाव है कि वे इतनी संतुलित और संयमित भूमिका निभाते हैं। लोकसभा स्पीकर के तौर पर ओम बिरला सदन के एक ऐसे मुखिया की तरह काम करते हैं, जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। सदन में मौजूद सभी सांसदों को वे अच्छे से संभालते हैं और उनकी भावनाओं तथा आग्रहों का पूरा सम्मान करते हैं। बिरला का स्वभाव ऐसा है कि वे सांसदों का सबसे अधिक सम्मान करने वाले स्पीकरों में से एक हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि कई बार सदन में कुछ ऐसे सदस्य भी आ जाते हैं, जो बड़े घरानों से आते हैं और अहंकारी या उत्पाती व्यवहार कर बैठते हैं, लेकिन तब भी ओम बिरला एक जिम्मेदार मुखिया की तरह पूरे सदन को संयम के साथ संभाल लेते हैं। वे किसी को भी अपमानित नहीं करते और सभी की तीखी व कड़वी बातें भी धैर्यपूर्वक सुनते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ओम बिरला की एक खास बात यह भी है कि वे हर समय मुस्कुराते रहते हैं। उनके चेहरे पर हमेशा एक मीठी मुस्कान रहती है, जो उनके व्यक्तित्व को और भी सहज बनाती है। शायद यही कारण है कि सदन में वे सभी सांसदों के बीच बेहद प्रिय हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकसभा स्पीकर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और ओम बिरला इस जिम्मेदारी को पूरी गरिमा, संयम और संतुलन के साथ निभा रहे हैं।

विपक्ष ने दे रखी है बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस

उल्लेखनीय है कि लोकसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस की अगुआई में 100 से ज्यादा सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव यानी नो-कॉन्फिडेंस मोशन की नोटिस दे रखी है और नौ मार्च से दो अप्रैल तक प्रस्तावित सत्र के दूसरे चरण के पहले ही दिन यह प्रस्ताव पेश किया जाना है। इस प्रस्ताव पर कांग्रेस जहां सभी विपक्षी पार्टियों को एक साथ लाने की कोशिश कर रही है वहीं सरकार इस कोशिश में है कि नो कॉन्फिडेंस मोशन पर विपक्ष को कम से कम पार्टियों का साथ मिल पाए।

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