गांधीनगर, 10 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के गिर सोमनाथ में जारी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने के लिए दो दिवसीय दौरे पर शनिवार की शाम गृहराज्य पहुंचे।
पीएम मोदी के गिर सोमनाथ पहुंचने पर सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में खड़े लोगों ने उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने सर्किट हाउस में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की। फिर रात्रि आठ बजे उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन के उपरांत ओंकार मंत्र का जाप किया, जिसके बाद भव्य ड्रोन शो में भी शामिल हुए।
Jai Somnath!
Today’s welcome was very special. pic.twitter.com/Uc7GJdvPVI
— Narendra Modi (@narendramodi) January 10, 2026
Feeling blessed to be in Somnath, a proud symbol of our civilisational courage.
This visit comes during #SomnathSwabhimanParv, when the entire nation has come together to mark a thousand years since the first attack on the Somnath Temple in 1026.
Grateful to the people for… pic.twitter.com/jwTSF0uMOS
— Narendra Modi (@narendramodi) January 10, 2026
सर्किट हाउस में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की
पीएम मोदी ने सर्किट हाउस में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की, जिसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। उन्होंने लिखा, ‘आज शाम सोमनाथ में मैंने सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मंदिर परिसर के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और सोमनाथ की तीर्थयात्रा को और अधिक स्मरणीय बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।’
In Somnath this evening, chaired a meeting of the Shree Somnath Trust. We reviewed various aspects relating to infrastructure upgradations in the temple complex and ways to make the pilgrimage to Somnath even more memorable. pic.twitter.com/q9WHJ2crsx
— Narendra Modi (@narendramodi) January 10, 2026
पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने ओंकार मंत्र का जाप किया।
ॐ हमारे वेदों का, शास्त्रों का, पुराणों का, उपनिषदों और वेदांत का सार है।
ॐ ही ध्यान का मूल है, और योग का आधार है।
ॐ ही साधना में साध्य है।
ॐ ही शब्द ब्रह्म का स्वरूप है।
ॐ से ही हमारे मंत्र प्रारंभ एवं पूर्ण होते हैं।
आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में 1000 सेकंड्स तक ओंकार… pic.twitter.com/GqHxt8sn9y
— Narendra Modi (@narendramodi) January 10, 2026
अरब सागर के तट पर भव्य ड्रोन शो का आयोजन
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत सोमनाथ मंदिर परिसर में अरब सागर के तट पर भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया। करीब 3,000 ड्रोन की मदद से आसमान में अद्भुत आकृतियां बनाई गईं, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। ड्रोन शो के दौरान त्रिशूल, ओम, भगवान शिव का तांडव, वीर हमीरजी, अहिल्याबाई होल्कर, सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण का दृश्य, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वाभिमान पर्व का लोगो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आकृतियां दिखाई गईं।
करीब 15 मिनट तक चले इस ड्रोन शो को 40 प्रशिक्षित ऑपरेटरों ने संचालित किया। सोमनाथ मंदिर प्रांगण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस भव्य आयोजन को देखा। ड्रोन शो के बाद मंदिर के पास समुद्र तट पर शानदार आतिशबाजी भी की गई।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के सुअवसर पर सोमनाथ मंदिर परिसर में भव्यता और दिव्यता से भरा ड्रोन शो देखने का सौभाग्य मिला। इस अद्भुत शो में हमारी प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का तालमेल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया। सोमनाथ की पावन धरा से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की… pic.twitter.com/hwKgJsp33T
— Narendra Modi (@narendramodi) January 10, 2026
रविवार को शौर्य यात्रा में शामिल होंगे, जनसभा को भी संबोधित करेंगे
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के समापन अवसर पर पीएम मोदी रविवार को पूर्वाह्न करीब 9.45 बजे शौर्य यात्रा में शामिल होंगे, जिसमें 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा। इसके बाद लगभग 10.15 बजे वह सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार पीएम मोदी करीब 11 बजे सोमनाथ में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।
सोमनाथ मंदिर में लगातार 72 घंटे तक लगातार ‘ओम’ का जाप
उल्लेखनीय है कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन वर्ष 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी के सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण की 1,000वीं वर्षगांठ की स्मृति में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार इस अवसर पर देशभर से सैकड़ों संत सोमनाथ पहुंचे हैं। पर्व के तहत मंदिर परिसर में 72 घंटे तक लगातार ‘ओम’ का जाप भी किया जा रहा है। ऐतिहासिक रूप से कई बार नष्ट किए जाने के प्रयासों के बावजूद सोमनाथ मंदिर को आस्था, दृढ़ता और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

