गिर सोमनाथ, 11 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को यहां सोमनाथ अमृत महोत्सव के दौरान एक जनसभा में भारत की सांस्कृतिक विरासत, आत्मविश्वास और राष्ट्र की ताकत को लेकर दुनिया को सख्त संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इतिहास में कई आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और उसके वैभव को मिटाने की कोशिश की, लेकिन वे कभी सफल नहीं हो सके।
पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद प्रतिबंधों के बावजूद पीछे नहीं हटा भारत
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती और न ही किसी दबाव में ला सकती है। उन्होंने 11 मई, 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पूरी दुनिया भारत के खिलाफ खड़ी हो गई थी। परमाणु परीक्षण के बाद भारत पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे और दुनिया की आंखें लाल हो गई थीं, लेकिन भारत पीछे नहीं हटा।
सरदार पटेल ने पूरा किया सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल का स्मकरण करते हुए कहा कि आजादी के समय सरदार पटेल ने 500 से ज्यादा रियासतों को जोड़कर देश को एकजुट किया और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प भी पूरा किया। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें कई बार सोमनाथ आने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि अभी कुछ समय पहले भी वह सोमनाथ आए थे और इस पवित्र धाम से उनका विशेष जुड़ाव रहा है।
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‘सोमनाथ बार-बार टूटकर भी खड़ा होता रहा’
पीएम मोदी ने कहा कि आक्रमणकारी सोमनाथ को सिर्फ एक भौतिक ढांचा मानते रहे, इसलिए इसे बार-बार तोड़ा गया। लेकिन हर बार सोमनाथ फिर खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि तोड़ने वाले भारत की वैचारिक शक्ति को समझ नहीं सके। भारतीय संस्कृति भौतिक शरीर को नश्वर मानती है, लेकिन उसके भीतर की आत्मा को अविनाशी मानती है। उन्होंने अपने भाषण के अंत में कहा कि शिव केवल देव नहीं, बल्कि सर्वात्मा हैं। उन्होंने कहा कि यही भारत की सनातन चेतना और आध्यात्मिक शक्ति की सबसे बड़ी पहचान है।

