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पीएम मोदी गोथेनबर्ग पहुंचे, स्वीडिश प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन के साथ आज करेंगे द्विपक्षीय वार्ता

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गोथेनबर्ग, 17 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा के तहत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) व नीदरलैंड्स के बाद रविवार को स्वीडिश शहर गोथेनबर्ग पहुंचे। एयरपोर्ट पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने अपने भारतीय समकक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया।

स्वीडन एयरस्पेस में ग्रिपेन फाइटर जेट्स ने दी एस्कॉर्ट

पीएम मोदी के आगमन को विशेष महत्व देते हुए स्वीडन के ग्रिपेन फाइटर जेट्स ने उनके विमान को स्वीडिश एयरस्पेस में एस्कॉर्ट किया। यह भारत और स्वीडन के बीच बढ़ते रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।

पीएम मोदी ने स्वागत के लिए क्रिस्टर्सन का जताया आभार

प्रधानमंत्री मोदी ने हवाईअड्डे पर स्वागत के दौरान खुद मौजूद रहे पीएम क्रिस्टर्सन का आभार जताया। उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘गोथेनबर्ग हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के लिए स्वयं आने के विशेष भाव हेतु मैं प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन का आभारी हूं। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान भारत-स्वीडन की मित्रता को और सुदृढ़ करने के लिए मैं उत्सुक हूं।’

यूरोपीय व्यापार गोलमेज सम्मेलन में व्यापार जगत के नेताओं से भी मुलाकात होगी

इसके पहले एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, ‘स्वीडन के गोथेनबर्ग में उतरा। मैं प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन से मिलूंगा, जिसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, नवाचार, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में भारत-स्वीडन की दोस्ती को आगे बढ़ाना है। प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ, मैं ‘यूरोपीय व्यापार गोलमेज सम्मेलन’ (European Business Round Table) में यूरोपीय व्यापार जगत के नेताओं से मिलूंगा। इससे भारत और यूरोप के बीच निवेश के संबंध भी और मजबूत होंगे।’

व्यापार, तकनीक और हरित ऊर्जा पर फोकस

देखा जाए तो दो दिवसीय आधिकारिक दौरे (17 व 18 मई) का उद्देश्य भारत और स्वीडन के बीच सहयोग को नई दिशा देना है। दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, ग्रीन ट्रांजिशन, स्टार्टअप, और उभरते क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर रहेगा।

भारत–स्वीडन संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत ने वर्ष 2018 में पहली भारत–नॉर्डिक शिखर बैठक के दौरान स्वीडन की यात्रा की थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को और गहरा करने का अवसर प्रदान करेगी।

उच्चस्तरीय वार्ता में कई अहम मुद्दों पर चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के बीच होने वाली वार्ता में भारत–स्वीडन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। इसमें रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु परिवर्तन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और आपूर्ति श्रृंखला जैसे विषय शामिल होंगे।

बढ़ता व्यापार और निवेश

विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत–स्वीडन के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 7.75 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं, वर्ष 2000 से 2025 के बीच स्वीडन से भारत में 2.825 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) हुआ है।

भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की तैयारी

दोनों देश अब नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और रक्षा निर्माण जैसे भविष्य के क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस यात्रा से भारत–स्वीडन संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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