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इंडोनेशियाई राष्ट्रपति सुबियांतो संग प्रम्बानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, गूंजा ‘ओम नमः शिवाय’ का मंत्र

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जकार्ता, 8 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा के अंतिम दिन बुधवार को राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित 9वीं सदी के प्रम्बानन मंदिर पहुंचे। पीएम मोदी की मौजूदगी में प्रम्बानन मंदिर का प्रांगण ‘ओम नमः शिवाय’ के मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। उन्होंने पूजा-अर्चना की और इस आध्यात्मिक माहौल की झलक सोशल मीडिया पर भी साझा की।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 28 सेकेंड का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय!’ वीडियो में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमीन पर बैठकर आंखें बंद किए और हाथ जोड़कर ‘ओम नमः शिवाय’ का जाप करते दिखाई और सुनाई देते हैं। इस दौरान मंदिर में घंटियों की ध्वनि भी गूंजती है। गेरुए रंग के परिधान में प्रधानमंत्री मोदी भी हाथ जोड़कर मंत्रोच्चार के बीच खड़े नजर आते हैं।

राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ पहुंचे मंदिर

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रम्बानन मंदिर का संयुक्त दौरा किया। दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और पीएम मोदी ने मंदिर के इतिहास तथा सांस्कृतिक महत्व की जानकारी ली। इस दौरान पीएम मोदी ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न कराई और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।

पहले भी साझा की थी मंदिर की झलक

मंदिर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर प्रम्बानन मंदिर का हवाई वीडियो साझा करते हुए लिखा था, ‘राजसी प्रम्बानन मंदिर!’ उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की थी और लिखा था, ‘राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता से प्रम्बानन मंदिर जाते हुए।’

संरक्षण परियोजना का भी किया उद्घाटन

इससे पहले मंगलवार को इंडोनेशियाई संसद को संबोधित करते हुए भी पीएम मोदी ने प्रम्बानन मंदिर जाने की जानकारी दी थी। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर परिसर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो ने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापन परियोजना का संयुक्त उद्घाटन भी किया, जिसे दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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