सुल्तानपुर, 2 मई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ यहां विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने चल रहे मानहानि केस में शनिवार को उनके ‘वॉयस सैंपल’ की जांच कराने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब परिवादी पक्ष उच्च अदालत में चुनौती देने की तैयारी में जुट गया है।
अधिवक्ता संतोष पाण्डे ने बताया, ‘शनिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी का केस लगा हुआ था, जिसमें पूर्व में मेरे द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। प्रार्थना पत्र इस आशय का था कि राहुल गांधी का वॉयस सैंपल लेकर और मेरे द्वारा दाखिल सीडी के वॉयस सैंपल का मिलान विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराया जाए।’
उन्होंने बताया, ‘पिछली तारीख पर उस पर हमने बहस की थी। आज इस पर फैसला आना था। कोर्ट ने आज एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दिया है।’ उन्होंने बताया कि अभी आदेश पूरा प्राप्त नहीं हुआ है, आदेश की कॉपी मिलते ही सेशन कोर्ट में रिवीजन फाइल किया जाएगा। कोर्ट ने बहस के लिए अगली तारीख 11 मई तय की है।
2018 के बयान से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि भाजपा नेता विजय मिश्र ने वर्ष 2018 में राहुल गांधी के विरुद्ध मानहानि का परिवाद MP/MLA कोर्ट में दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2018 में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष वर्तमान में गृह मंत्री अमित शाह को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
कोर्ट में पांच साल लंबी प्रक्रिया चली। राहुल गांधी हाजिर नहीं हुए तो दिसम्बर, 2023 में तत्कालीन जज ने वारंट जारी कर उन्हें तलब किया था। तब फरवरी, 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में सरेंडर किया था। विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार के दो मुचलके पर जमानत दे दी थी।

