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पानीपत रिफाइनरी बना रणक्षेत्र : प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने सुरक्षाबलों पर किया पथराव, गाड़ियों में की तोड़फोड़

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पानीपत, 24 फरवरी। हरियाणा के पानीपत स्थित रिफाइनरी में सोमवार को उस समय युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई, जब हजारों की संख्या में मजदूर उग्र हो गए। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़प में जमकर पथराव हुआ और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। हालात इतने बेकाबू हो गए कि अर्धसैनिक बल (CISF) को स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी।

जानकारी के अनुसार, रिफाइनरी के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर करीब 35 से 40 हजार मजदूर काम करते हैं। सोमवार सुबह 9:30 बजे मजदूर अपनी मांगों को लेकर गेट नंबर 4 पर धरने पर बैठे थे। दोपहर करीब 1 बजे सुरक्षा में तैनात CISF कर्मियों और मजदूरों के बीच हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया।

इस बीच कुछ श्रमिकों ने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के पास कई गाड़ियों को भी पलटा दिया और तोड़फोड़ शुरू हो गई। किसी तरह CISF और जिला स्थानीय पुलिस ने मोर्चा संभाला और कर्मचारियों को शांत करवाया। इसके बाद कर्मचारियों के प्रदर्शन को लीड कर रहे उनके लीडर्स से पुलिस ने बातचीत की। इस दौरान लीडर्स ने कर्मचारियों की सभी मांगों को सामने रखा।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के लीडर्स ने पुलिस से बातचीत में अपनी मांगें रखीं। मुख्य मांगों में शामिल हैं- 1. वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य स्थितियां, 2. कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को स्थायी नौकरी. 3. सुरक्षा उपकरणों की बेहतर व्यवस्था, 4. ओवरटाइम भत्ते में बढ़ोतरी और 5. स्वास्थ्य बीमा की सुविधा की मांग की जा रही है।

ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं। यूनियन लीडर्स का कहना है कि प्रबंधन उनकी बात नहीं सुन रहा, जिससे हड़ताल जरूरी हो गई। हालांकि, कंपनी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हरियाणा के श्रम विभाग ने दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर बुलाया है। उम्मीद है कि जल्द ही समाधान निकलेगा, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो।

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