नई दिल्ली, 4 मई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत व पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बावजूद पाकिस्तानी अधिकारी अनाप-शनाप बयानों से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी क्रम में रूस में बैठे पाकिस्तानी राजदूत मुहम्मद खालिद जमाली ने कहा है कि भारत के खिलाफ आसन्न संघर्ष में पाकिस्तान ‘परंपरागत और परमाणु’ दोनों हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है।
‘परंपरागत और परमाणु’ दोनों हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए पाकिस्तान तैयार
आरटी न्यूज के साथ एक विशेष साक्षात्कार में मुहम्मद खालिद जमाली ने कहा, ‘हम इस बार जवाब देने जा रहे हैं और हम पूरी शक्ति के साथ जवाब देने जा रहे हैं। हम, पाकिस्तान में, पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह की पूरी शक्ति का इस्तेमाल करेंगे।’
❗️NUCLEAR warning from Pakistan to India
Diplomat says Islamabad could use NUKES in case of war with New Delhi
‘Pakistan will use full spectrum of power, BOTH conventional and nuclear’ — ambassador to Russia tells RT https://t.co/iTQWdWRQlZ pic.twitter.com/LcQXKbIjD0
— RT (@RT_com) May 3, 2025
रूस में पाकिस्तानी राजदूत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बीते 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत व पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। प्रतिबंधित पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रतिनिधि द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने उस क्रूर हमले की जिम्मेदारी ली है, जिसमें 26 निरीह पर्यटकों की जान गई थी।
वहीं, पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार सख्ती से पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठा रहा है। पड़ोसी मुल्क होने के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार और अन्य समझौते चले आ रहे थे, जिसे भारत ने रोक दिया है। वहीं, पाकिस्तान ने भी कई कदम भारत के खिलाफ उठाए हैं।
ज्ञातव्य है कि भारत ने अटारी सीमा को बंद कर दिया है, सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है, पाकिस्तान से आने वाले या पाकिस्तान से होकर गुजरने वाले सभी सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है, साथ ही अन्य उपाय भी किए हैं।
इससे पहले, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी थी कि भारत के साथ बढ़ते तनाव और राजनयिक संबंधों में गिरावट के बीच उनके देश की सेना ‘किसी भी स्थिति के लिए तैयार’ है। आसिफ ने ब्रिटिश समाचार चैनल ‘स्काई न्यूज’ से कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच बिगड़ते संबंध भारत-पाकिस्तान के बीच एक व्यापक युद्ध का कारण बन सकते हैं।
ख्वाजा आसिफ ने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया था कि एक देश के रूप में पाकिस्तान तीन दशकों से आतंकवाद को ‘समर्थन, समर्थन और वित्त पोषण’ कर रहा है। आसिफ ने कहा कि यह एक गलती थी, जिससे देश पीड़ित है। बाद में, आसिफ के एक्स अकाउंट को भारत में रोक दिया गया।

