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ओडिशा में असिस्टेंट इंजीनियर के पास अकूत संपत्ति का खुलासा : 2.4 करोड़ कैश, 5 बहुमंजिला इमारतें, 13-14 महंगे प्लॉट

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भुवनेश्वर, 7 जून। ओडिशा में कंधमाल जिले के बालीगुडा स्थित इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट एजेंसी (ITDA) में तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) बैकुंठ नाथ बेहरा विजिलेंस जांच के दायरे में घिर गए हैं। दरअसल, आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस अधिकारियों की छापेमारी के दौरान बेहरा के पास करोड़ों रुपये की चल व अचल संपत्ति सामने आई है।

ITDA में तैनात AEE बैकुंठ नाथ बेहरा से जुड़े 9 ठिकानों पर छापेमारी

बैकुंठ नाथ बेहरा पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से ज्यादा संपत्ति रखने के आरोप थे, जिसके आधार पर ओडिशा विजिलेंस ने शनिवार को उनसे जुड़े नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन छापों में उनके घर, पैतृक संपत्ति और दफ्तर जैसी जगहें शामिल थीं। विजिलेंस रिकॉर्ड के अनुसार, बेहरा ने 1999 में नबरंगपुर ब्लॉक में जूनियर इंजीनियर (सिविल) के तौर पर सरकारी नौकरी शुरू की थी, तब उनकी महीने की सैलरी 6,000 रुपये थी।

1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में 6 हजार की सैलरी पर शुरू की थी नौकरी

वर्षों तक उन्होंने नबरंगपुर व उदाला में आईटीडीए और दूसरे सरकारी संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया। अक्टूबर, 2016 में उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोट किया गया और आईटीडीए, नबरंगपुर में पोस्ट किया गया। इस वर्ष फरवरी में उन्हें असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर प्रमोट किया गया और आईटीडीए, बालीगुडा ट्रांसफर कर दिया गया, जहां वे अभी तैनात हैं।

छापेमारी के दौरान इन सम्पत्तियों का खुलासा हुआ

छापेमारी के दौरान, अधिकारियों को अत्यधिक मात्रा में संपत्ति मिली, जिसमें कैश, प्रॉपर्टी, सोना और बैंक डिपॉजिट शामिल हैं। मिली संपत्तियों में उनके घर और बैंक लॉकर से मिले लगभग 2.4 करोड़ रुपये, पांच बहुमंजिला इमारतें, भुवनेश्वर और उसके आस-पास 13-14 महंगे प्लॉट, 341 ग्राम सोने के गहने और 45 लाख रुपये से ज्यादा के बैंक डिपॉजिट शामिल हैं।

इमारतों की कीमत का आकलन अभी लगाया जा रहा

अधिकारियों ने बताया कि इमारतों की कीमत का आकलन अभी लगाया जा रहा है। ये छापे भुवनेश्वर, बालासोर, जाजपुर और बालीगुडा में मारे गए, जहां विजिलेंस टीमों को कई आलीशान प्रॉपर्टी, महंगी जमीन और दूसरी वित्तीय संपत्तियां भी मिलीं। यह ऑपरेशन अब भी जारी है।

ओडिशा में इस वर्ष की सबसे बड़ी भ्रष्टाचार-विरोधी जांच

आलीशान रियल एस्टेट, प्राइम प्लॉट, भारी मात्रा में कैश की बरामदगी और वित्तीय निवेश की जांच के साथ, यह मामला ओडिशा में इस वर्ष की भ्रष्टाचार-विरोधी बड़ी जांचों में से एक बनकर उभर रहा है। माना जा रहा है कि सर्च ऑपरेशन और कीमत के आकलन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संपत्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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