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जापान, जर्मनी व इटली के वैज्ञानिकों को इस वर्ष भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

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नई दिल्ली, 5 अक्टूबर। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने भौतिक विज्ञान के नोबेल पुरस्कार के लिए इस वर्ष तीन वैज्ञानिकों का चयन किया है। ये वैज्ञानिक जापान के स्यूकूरो मनाबे, जर्मनी के क्लॉज हैजलमान और इटली के जॉर्जियो पारिसी हैं।

रॉयल्स स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के महासचिव गोरान हैंसन ने मंगलवार को नोबेल विजेता वैज्ञानिकों के नामों की घोषणा की। इन वैज्ञानिकों को जटिल भौतिक प्रणालियों को समझने में उल्लेखनीय योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार देने का फैसला लिया गया है।

जूरी ने नामों की घोषणा करते हुए बताया कि स्यूकूरो मनाबे ने प्रदर्शित किया कि कैसे वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड के बढ़े हुए स्तर से पृथ्वी की सतह पर तापमान में वृद्धि होती है। उनके काम ने वर्तमान जलवायु मॉडल के विकास की नींव रखी।

मनाबे और हैसलमान को पृथ्वी की जलवायु की भौतिक मॉडलिंग, ग्लोबल वॉर्मिंग के पूर्वानुमान की परिवर्तनशीलता और प्रामाणिकता के मापन क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए चुना गया। वहीं परिसी को परमाणु से ग्रहों के मानदंडों तक भौतिक प्रणाली में विकार और उतार-चढ़ाव की परस्पर क्रिया की खोज के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया।

पिछले वर्ष भी तीन वैज्ञानिकों को मिला था भौतिक का नोबेल पुरस्कार

पिछले वर्ष भौतिक विज्ञान का नोबेल पुरस्कार अमेरिकी वैज्ञानिक आंड्रेया घेज, ब्रिटेन के रोजर पेनरोज और जर्मनी के रिनार्ड गेनजेल को मिला था। इन तीनों को ब्लैक होल्स पर रिसर्च के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

पुरस्कार में स्वर्ण पदक के साथ दी जाती है एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर की राशि

प्रतिष्ठित पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 11.4 लाख अमेरिकी डॉलर) के साथ आता है। पुरस्कार की यह राशि पुरस्कार का गठन करने वाले स्वीडिश अन्वेषक एल्फ्रेड नोबेल द्वारा छोड़ी गई वसीयत से प्राप्त होती है, जिनकी मृत्यु वर्ष 1895 में हुई थी।

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