पुणे, 15 मई। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) सीबीआई को बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसी ने पुणे से प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है, जिन्हें इस पूरे रैकेट का कथित ‘मास्टरमाइंड’ बताया जा रहा है।
महाराष्ट्र के लातूर स्थित दयानंद मेडिकल कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर हैं
दरअसल, प्रोफेसर कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर स्थित दयानंद मेडिकल कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर हैं और प्राप्त जानकारी के अनुसार वह इस वर्ष NEET-UG का पेपर तैयार करने वाली टीम का हिस्सा भी थे।
NTA के अंदर से ही निकला बड़ा खिलाड़ी!
यह गिरफ्तारी इसलिए बेहद अहम मानी जा रही है कि जांच अब सीधे परीक्षा प्रणाली के अंदर बैठे लोगों तक पहुंचती दिख रही है। 2024 के मामले में जहां NTA पर सीधे सवाल नहीं उठे थे, वहीं इस बार जांच शुरू से ही ‘इनसाइडर रोल’ की तरफ इशारा कर रही है।
कैसे हुआ कथित पेपर लीक?
CBI जांच के अनुसार अप्रैल, 2026 के आखिरी हफ्ते में कुलकर्णी ने अपने आधिकारिक एक्सेस का इस्तेमाल कर चुनिंदा छात्रों तक सवाल पहुंचाए। इसमें उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे ने भी मदद की, जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया था।
पुणे स्थित अपने घर पर ‘स्पेशल कोचिंग क्लास’ चलाते थे कुलकर्णी
जांच एजेंसियों के अनुसार कुलकर्णी पुणे स्थित अपने घर पर ‘स्पेशल कोचिंग क्लास’ चलाते थे। इन क्लासेज में शामिल होने के लिए छात्रों से लाखों रुपये लिए जाते थे। आरोप है कि वे छात्रों को संभावित सवाल, ऑप्शन और सही जवाब डिक्टेट करते थे। छात्रों की नोटबुक जब्त की गईं और फॉरेंसिक जांच में पाया गया कि उनमें लिखे सवाल तीन मई को हुए असली NEET-UG 2026 पेपर से पूरी तरह मेल खा रहे थे।
देशभर में छापेमारी जारी
दिलचस्प यह है कि CBI ने पिछले 24 घंटों में कई राज्यों में छापेमारी की है। एजेंसी ने मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। अब कुलकर्णी को पहले पुणे कोर्ट में पेश किया जाएगा, फिर आगे पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया जा सकता है।
NTA पर बड़े सवाल
कुल मिलाकर देखें तो पेपर तैयार करने वाली टीम के सदस्य की गिरफ्तारी से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सीबीआई अधिकारियों ने NTA मुख्यालय जाकर यह जांच भी शुरू की है कि पेपर तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था। यह जांच 12 मई को उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

