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राष्ट्रमंडल खेल : नीरज चोपड़ा को कठिन हालात में रजत पदक से करना पड़ा संतोष, यशवीर को कांस्य

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ग्लास्गो, एक अगस्त। टोक्यो ओलम्पिक चैम्पियन व सुपरस्टार भाला प्रक्षेपक नीरज चोपड़ा ने चोट से वापसी के बाद यहां राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शुक्रवार को कठिन हालात में चालू सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं नीरज के साथी यश वीर सिंह ने अपने आखिरी प्रयास में सर्वश्रेष्ठ थ्रो के जरिए कांस्य पदक हासिल किया।

श्रीलंकाई रूमेश थरंगा से लगभग एक मीटर पीछे रह गए नीरज

28 वर्षीय नीरज ने दूसरे प्रयास में इस सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85.83 मीटर थ्रो फेंका, जिससे उनका रजत पदक पक्का हुआ। वह गत 19 जून को दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे थे।

श्रीलंका के स्टार रूमेश थरंगा पथिरागे ने अपेक्षाओं के अनुरूप 89.75 मीटर फेंककर स्वर्ण पदक जीता। बेहद सर्दी और तेज हवाओं के बीच उनका यह प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने जून में रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का थ्रो किया था।

प्रथम प्रवेशी यशवीर ने आखिरी थ्रो में सबको चौंका दिया

वहीं राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार उतरे 24 वर्षीय यश वीर ने छठे और आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर थ्रो फेंककर सभी को चौंका दिया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83.72 मीटर था। वह पांचवें दौर के बाद 81.33 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से सातवें स्थान पर थे, लेकिन उनका आखिरी प्रयास उन्हें पदक दिला गया।

नीरज ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल 2018 में जीता था स्वर्ण

नीरज चोपड़ा की बात करें तो पिछले वर्ष सितम्बर से पीठ के निचले हिस्से में लगी चोट से उबरकर लौटे थे। इस चोट के कारण उनकी वापसी दोहा में आयोजित डायमंड लीग तक टल गई थी। वह दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे थे। इससे पहले उन्होंने 2018 में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।

बोले- ‘अब भी पूरी तरह फिट नहीं, धीरे-धीरे उस ओर बढ़ रहा हूं’

चोपड़ा ने संकेत दिया कि वह अब भी पूरी तरह से फिट नहीं हैं, लेकिन धीरे-धीरे उस ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कह सकता कि मेरी फिटनेस पहले जैसी है। लेकिन धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। एशियाई खेलों में अभी समय है। उससे पहले मैं डायमंड लीग में प्रतिस्पर्धा करूंगा। धीरे-धीरे सुधार होगा।’

‘चोट के बाद वापसी संतोषजनक, इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन’

नीरज ने कहा कि चोट से उबरने के बाद उनकी वापसी संतोषजनक रही है। उन्होंने कहा, ‘हम हमेशा चाहते हैं कि पदक वितरण समारोह हमारा राष्ट्रगान बजे, लेकिन मैंने इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और वापसी के बाद में अपने प्रदर्शन से खुश हूं। यहां काफी ठंड है। मैं इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा हूं। मुझे गर्म मौसम पसंद है। मेरे अंदर भारतीय खून है।’

फाइनल में पहुंचे तीसरे भारतीय रोहित सर्वश्रेष्ठ थ्रो के बाद सातवें स्थान पर रहे

स्पर्धा के फाइनल में पहुंचे तीसरे भारतीय खिलाड़ी रोहित यादव 81.56 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहे। दिलचस्प यह है कि भाला फेंक में पुरुषों के सभी पदक भारतीय उपमहाद्वीप के एथलीटों ने जीते।

हालांकि गत चैम्पियन (बर्मिंघम 2022) और मौजूदा ओलम्पिक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम 77.41 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीन दौर के बाद बाहर हो गए। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैम्पियन केशोर्न वालकॉट छठे स्थान पर रहे।

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