मुंबई, 5 जुलाई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सबसे अधिक असर कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर देखने को मिला, जहां स्टेशन परिसर में पानी भर जाने से यात्रियों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और ठाणे जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
विखरोली में सबसे अधिक 253 मिमी बारिश
4 जुलाई सुबह 8:30 बजे से 5 जुलाई सुबह 5:30 बजे तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, विखरोली में सबसे अधिक 253.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा राम मंदिर क्षेत्र में 252.5 मिमी, सांताक्रूज में 224.5 मिमी, भायखला में 172.5 मिमी, विद्याविहार में 169.0 मिमी, कोलाबा में 165.5 मिमी, सायन में 157.5 मिमी और चेंबूर में 136.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि मुंबई के अधिकांश हिस्सों में अत्यधिक वर्षा हुई, जिससे जलभराव और यातायात व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई।
रेलवे और ट्रैफिक पर पड़ा असर
लगातार बारिश का असर रेलवे सेवाओं और सड़क यातायात पर भी दिखाई दिया। लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) के परिसर में पानी भर जाने से यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने और वहां से बाहर निकलने में काफी परेशानी हुई। कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहना पड़ा। कई मार्गों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई।
महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों के लिए भी चेतावनी
IMD ने महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों के लिए भी मौसम संबंधी अलर्ट जारी किए हैं। कोंकण क्षेत्र और पुणे घाटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भूस्खलन की आशंका जताई गई है। वहीं, पुणे शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात कर दी गई हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें, आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

