नई दिल्ली, 6 जुलाई। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के कांवड़ यात्रा को लेकर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांवड़ यात्रा में शामिल कुछ लोग नशा और उपद्रव करते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सभी कांवड़ियों की बात नहीं कर रहे हैं। एक समाचार एजेंसी बातचीत में मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि जो लोग हिंसा, तोड़फोड़ और अनुशासनहीनता करते हैं, उन्हें शिवभक्त नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए ऐसे लोगों पर कड़ी टिप्पणी की।
‘सभी कांवड़ियों को नहीं कह रहा’
मौलाना ने कहा कि कांवड़ यात्रा में कई अच्छे लोग भी शामिल होते हैं, लेकिन कुछ लोग केवल नशे और उपद्रव के लिए यात्रा में जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भगवान शिव किसी को नुकसान पहुंचाने या दूसरों को परेशान करने की सीख देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क पर नशा करने, हंगामा करने और लोगों को परेशान करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
नमाज और कांवड़ यात्रा को लेकर भी उठाए सवाल
मौलाना साजिद रशीदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नमाज को लेकर दिए गए पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर नियमों की बात की जाती है, उसी तरह कांवड़ यात्रा के दौरान भी नियमों का पालन होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कुछ वीडियो में आपत्तिजनक गतिविधियां दिखाई दी हैं और ऐसे लोगों को धार्मिक यात्रा का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।
लाउडस्पीकर विवाद पर भी दी प्रतिक्रिया
बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मुद्दे पर मौलाना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ध्वनि सीमा और रात के समय लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर नियम तय किए हैं। उन्होंने दावा किया कि लाउडस्पीकर हटाने का कोई आदेश सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना कानूनी प्रक्रिया के लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई की जा रही है और इसे राजनीति से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
शेख हसीना के मुद्दे पर भी बोले
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम को लेकर भी मौलाना साजिद रशीदी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेताओं को अपने फैसलों और नीतियों के परिणामों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के व्यक्ति के भविष्य का फैसला वहां के लोग और कानून तय करते हैं।
बयान के बाद बढ़ी सियासी हलचल
मौलाना साजिद रशीदी के बयान के बाद कांवड़ यात्रा और धार्मिक आयोजनों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। उनके बयान पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।

