कोलकाता, 9 मई। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर शनिवार को पूर्वाह्न पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक भावुक कर देने वाला दृश्य दिखा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वयोवृद्ध शख्स को पहले गले लगाया, फिर शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया और उनके पांव छूकर आशीर्वाद भी लिया।
আজ, যখন পশ্চিমবঙ্গের প্রথম বিজেপি সরকার শপথ গ্রহণ করছে, তখন আমাদের সকলেরই ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের কথা এবং দেশ ও বিশেষত: পশ্চিমবঙ্গের প্রতি তাঁর চিরস্থায়ী অবদানের কথা স্মরণ করা অত্যন্ত স্বাভাবিক। তাঁর স্বপ্ন বাস্তবায়নে আমরা চেষ্টার কোনো ত্রুটি রাখব না ।
কলকাতায় শপথ… pic.twitter.com/OJtA1nASHg
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2026
डॉ. श्यामा प्रसाद की ऐतिहासिक कश्मीर यात्रा में उनके साथ रहे
ये शख्स हैं माखनलाल सरकार, जिन्हें पश्चिम बंगाल में बीजेपी का सबसे बुजुर्ग कार्यकर्ता माना जाता है। बताया जाता है कि माखनलाल सरकार वर्ष 1952 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की ऐतिहासिक कश्मीर यात्रा के दौरान उनके साथ रहे हैं। वह लंबे समय से राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े रहे हैं और जेल भी जा चुके हैं।
बंगाल में पार्टी और संगठन के विस्तार में निभाई अहम भूमिका
लगभग 98 वर्षीय माखनलाल 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद बंगाल में पार्टी और संगठन के विस्तार में काफी अहम भूमिका निभाई थी। वह संगठन की सिलीगुड़ी जिला शाखा के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे हैं। सिलीगुड़ी में काम करने के दौरान तत्कालीन पश्चिम दिनाजपुर, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जिलों में संगठन के संयोजक के तौर पर काम करते हुए उन्होंने महज एक वर्ष के भीतर दस हजार नए सदस्य बनाए थे.
माखन लाल सरकार उस समय से बंगाल में संगठन का काम कर रहे हैं, जब राज्य में संघ या भाजपा का अस्तित्व लगभग नहीं के बराबर था। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने गत वर्ष अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद सिलीगुड़ी में माखनलाल के घर जाकर उनको सम्मानित किया था।
सिलीगुड़ी के एक भाजपा नेता तरुण मंडल कहते हैं, ‘माखन लाल अस्सी के दशक से ही बंगाल में संगठन के सफर के गवाह रहे हैं और इसमें उनकी अहम भूमिका रही है। प्रचार की चकाचौंध से हमेशा दूर रहते हुए वो इलाके में संगठन की जड़ें सींचने और मजबूत करने में जुड़े रहे हैं।’
पार्टी की जीत पर बोले – ‘मैं बेहद खुश हूं, मेरे जीवन भर की मेहनत कामयाब हुई है’
दरअसल, बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत के बाद वह सुर्खियों में आए थे। तब पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया था कि सिलीगुड़ी में उन्होंने गोहत्या बंद कराई थी। बंगाल में भाजपा की इस जीत से आप कितना खुश हैं? इस सवाल पर सरकार ने कहा था, ‘मैं बेहद खुश हूं। मेरे जीवन भर की मेहनत कामयाब हुई है।’
माखनलाल का कहना था कि सिलीगुड़ी सीट पर उन्होंने ही शंकर घोष की उम्मीदवारी का फैसला किया था। वह कहते हैं, ‘अगर मैं ऐसा नहीं करता तो सिलीगुड़ी में भाजपा की जीत संभव नहीं थी।’

