नई दिल्ली, 6 मार्च। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार देर रात देश के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव करते हुए 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए राज्यपालों और उपराज्यपालों (LG) की नियुक्ति की है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के इस्तीफे के बाद यह अधिसूचना जारी की गई, जिसमें दिल्ली और बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में नए चेहरे शामिल किए गए हैं।
दिल्ली और बिहार में बड़े बदलाव भारतीय कूटनीति का बड़ा चेहरा रहे पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू को देश की राजधानी दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, सामरिक मामलों के विशेषज्ञ और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया है।
कहां- कहां के राज्यपाल बदले?
वहीं, केंद्रशासित प्रदेशों में भी भारी फेरबदल देखने को मिला है। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का तबादला अब लद्दाख के एलजी के रूप में कर दिया गया है। उनकी जगह दिल्ली की जिम्मेदारी पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को सौंपी गई है। लद्दाख के पूर्व उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता को अब हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल के समीकरणों को देखते हुए भी कई बदलाव किए गए हैं।
तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि को अब पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु भेजा गया है। तबादलों के इस क्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को अब तेलंगाना की जिम्मेदारी दी गई है। तेलंगाना के निवर्तमान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण राज्य का राज्यपाल बनाकर भेजा गया है। पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड के लिए भी नई नियुक्ति हुई है, जहाँ अब नंद किशोर यादव राज्यपाल की भूमिका निभाएंगे।
बंगाल में बढ़ सकती है रार
तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस नियुक्ति पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि गृह मंत्री ने उन्हें सूचित तो किया, लेकिन परंपरा के अनुसार सलाह नहीं ली गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियुक्तियों से संवेदनशील राज्यों में केंद्र की भूमिका और मजबूत होगी।

