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गाजियाबाद में बड़ी कार्रवाई : छात्र सूर्या चौहान की हत्या का मुख्य आरोपी असद पुलिस एनकाउंटर में ढेर

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गाजियाबाद, 31 मई। गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 11वीं के छात्र सूर्या चौहान की बेरहमी से हत्या करने वाला मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। पुलिस ने शनिवार को ही शातिर आरोपी असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। रविवार तड़के करीब 4 बजे वसुंधरा इलाके में हुई इस मुठभेड़ में जवाबी कार्रवाई के दौरान वह ढेर हो गया। डीसीपी धवल जायसवाल के मुताबिक, मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि आरोपी असद अपने एक दोस्त से पैसे लेकर शहर से भागने की फिराक में है। पुलिस की 4 टीमों ने घेराबंदी की, तभी असद अपने साथी के साथ बाइक से आता हुआ दिखाई दिया।

पुलिसकर्मियों ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में असद को गोली लग गई और वह बाइक से सड़क पर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस मुठभेड़ के दौरान असद का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा, जबकि एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ है। मौके से पुलिस ने एक पिस्टल और बाइक बरामद की है।

बकरीद के दिन ‘बकरा हलाल होते देखा है…’ कहकर मारी थी चाकू

यह पूरा मामला बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला था। 17 साल का सूर्या चौहान खोड़ा के नवनीत विहार में रहता था। मृतक के दोस्त के अनुसार, बकरीद के दिन असद ने फोन करके सूर्या को गली नंबर-2 में केले के गोदाम के पास मिलने बुलाया था। वहां पहुँचते ही असद ने सूर्या से पूछा- “क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? आज बकरीद है…आओ तुम्हें दिखाते हैं।” जब सूर्या ने मना किया और वापस लौटने लगा, तो असद और उसके 4 साथियों ने उसे घेरकर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। सूर्या के पेट में कई बार चाकू घोंपे गए। नोएडा के अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार दोपहर सूर्या की मौत हो गई थी।

8 महीने पुराने विवाद का बदला

घटना के पीछे की वजह 8 महीने पुराना एक विवाद बताया जा रहा है। तब असद किसी दूसरे लड़के से लड़ाई कर रहा था और सूर्या ने बीच-बचाव करते हुए उस लड़के को छुड़वाया था। इसी बात से नाराज असद ने सूर्या को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।

10 घंटे तक चला था भारी हंगामा

मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा होने के कारण शनिवार को गाजियाबाद में जबरदस्त तनाव फैल गया था। हिंदू संगठनों और परिजनों समेत 500 से ज्यादा लोग सड़कों पर उतर आए थे और हत्यारों के एनकाउंटर व घर पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था।

मां का रो-रोकर बुरा हाल :

सूर्या की मां सरोज ने रोते हुए कहा था कि उन्होंने पहले पति को खोया और अब बेटे को खो दिया, हत्यारे का एनकाउंटर होना ही चाहिए। करीब 10 घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस अफसरों के आश्वासन पर शनिवार शाम 6 बजे भारी पुलिस मौजूदगी में दिल्ली के गाजीपुर श्मशान घाट में सूर्या का अंतिम संस्कार कराया जा सका।

सियासी गलियारों तक पहुंची थी गूंज

इस हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हड़कंप मच गया था। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सख्त लहजे में कहा था कि हत्यारा कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सभी जिलों के डीएम के साथ आपात बैठक भी की थी।

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