बेरूत, 20 मई। पश्चिम एशियाई देश लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा मिशन के तहत भारतीय शांतिदूत मेजर अभिलाषा बराक को ‘यूएन जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड 2025’ सम्मान के लिए चुना गया है। इस पर भारतीय दूतावास ने मेजर अभिलाषा को बधाई दी है। लेबनान स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दूतावास, संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिष्ठित ‘यूएन जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड 2025’ से सम्मानित होने पर मेजर अभिलाषा बराक को हार्दिक बधाई देता है।
मेजर बराक ने ‘आईएनडीबीएटीटी-एक्सएक्सवीआई’ की ‘फीमेल एंगेजमेंट टीम’ (एफईटी) कमांडर के रूप में महत्वपूर्ण सेवा प्रदान की।” मेजर अभिलाषा बराक को लेबनान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ भारतीय शांतिदूत के रूप में जिम्मेदारी मिली थी। इस जिम्मेदारी के लिए उन्हें संयुक्त राष्ट्र ने ‘संयुक्त राष्ट्र सैन्य लिंग अधिवक्ता पुरस्कार 2025’ के लिए चुना है।मेजर बराक वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल में महिला सहभागिता दल की कमांडर के रूप में भारतीय बटालियन में कार्यरत हैं। वे भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट भी हैं।
अभिलाषा इस पुरस्कार को पाने वाली तीसरी भारतीय हैं। उनसे पहले मेजर सुमन गवानी और मेजर राधिका सेन को यूएन शांति मिशनों में सेवा के दौरान उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है।भारतीय सेना की मेजर राधिका सेन को ‘2023 संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार मिला था। सेन को 2023 में भारतीय रैपिड डिप्लॉयमेंट बटालियन के साथ एंगेजमेंट प्लाटून कमांडर के रूप में एमओएनयूएससीओ में नियुक्त किया गया था। उन्होंने अप्रैल 2024 में अपना कार्यकाल पूरा किया।
इससे पहले, 2019 में दक्षिण सूडान (यूएनएमआईएसएस) में संयुक्त राष्ट्र मिशन में महिला शांतिदूत के रूप में सेवाएं प्रदान करने वाली भारतीय सेना की अधिकारी मेजर सुमन गवानी को 29 मई 2020 को प्रतिष्ठित ‘यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। मेजर सुमन को यह अवार्ड ब्राजील की नौसेना अधिकारी कमांडर कार्ला मोंटेइरो डी कास्त्रो अरुजो के साथ मिला।मेजर सुमन ने नवंबर 2018 से दिसंबर 2019 तक यूएनएमआईएसएस में एक सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में कार्य किया। मिशन में रहते हुए, वह मिशन में सैन्य पर्यवेक्षकों के लिए महिलाओं से संबंधित मामलों के लिए संपर्क का प्रमुख केंद्र बिंदु थीं।

