लखनऊ, 20 जनवरी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यहां आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) में मंगलवार को विधायी संस्थाओं में गुणवत्ता के उच्च मानक स्थापित करने पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश विधान भवन में आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित विधायी प्रक्रियाओं के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग, विधायकों की क्षमता बढ़ाने से कार्यकुशलता में सुधार, लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने और जनता के प्रति विधायिकाओं की जवाबदेही पर चर्चा हुई। इन सत्रों में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मौजूद रहे। राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने चर्चा का संचालन किया।
बिरला ने यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की सराहना की
ओम बिरला ने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की सराहना करते हुए कहा कि महाना उत्तर प्रदेश विधानसभा में देश की अन्य विधानसभाओं की अच्छी प्रथाओं को अपनाने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही विधायकों की शिक्षा और अनुभव का रचनात्मक उपयोग करने की उनकी पहल भी प्रशंसनीय है।
86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) एवं विधानमंडलों के सचिवों के 62वें सम्मेलन के दूसरे दिन विचार-विमर्श का शुभारंभ हुआ।#AIPOC2026 #86thAIPOC@Satishmahanaup pic.twitter.com/Q2SujWzlLZ
— UP Vidhansabha (@UPVidhansabha) January 20, 2026
बिरला ने कहा कि सभी राज्य विधानसभाओं में उत्कृष्टता, नवाचार और प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। उन्होंने 2019 में देहरादून में हुए AIPOC सम्मेलन का जिक्र किया और बताया कि तब से विधायी प्रक्रियाओं में सुधार के लिए काम जारी है। एक समिति गठित की गई है, जो विधायी निकायों की प्रक्रियाओं को एक समान बनाने पर विचार कर रही है।
राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश का AI की भूमिका पर बल
राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एआई विधान मंडलों की कार्यकुशलता बढ़ा सकती है, लेकिन इसे सही और विश्वसनीय तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। उन्होंने संसद और राज्य विधानसभाओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई, ताकि ज्ञान और अनुभव का साझा उपयोग हो सके।
AIPOC के अंतिम दिन समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे और सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन विधायी संस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी व जन-केंद्रित बनाने पर केंद्रित है।

